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Ghazipur News: जान से मारने की धमकी देने के मामले में पूर्व मंत्री दोष मुक्त

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गाजीपुर। अपर सत्र न्यायाधीश/ एमपी एमएलए अरविंद मिश्र की अदालत ने शुक्रवार को जान से मारने की धमकी के मामले में पूर्व मंत्री विजय मिश्र व दीपक वर्मा को दोषमुक्त कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद पूर्व मंत्री ने कहा कि मेरे साथ न्याय हुआ, मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था।
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अभियोजन के अनुसार, पत्रकार सुनील कुमार सिंह ने 12 मार्च 2017 की घटना की बाबत तहरीर दी थी। इसमें आरोप लगाया था कि पूर्व मंत्री विजय मिश्र ने खबरों से घबराकर और अपनी हार की बौखलाहट के कारण फोन से धमकी दी थी। लेकिन, वादी ने इसे नजरअंदाज कर दिया। इसके बाद लगातार धमकी मिलती रही। होली के दिन विजय मिश्र के सहयोगी दीपक वर्मा ने उसी नंबर से फोन कर उसकी पिस्टल छीन कर जान से मारने की धमकी दी। वादी की सूचना पर मुकदमा दर्ज हुआ और पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया। विचारण के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दोनों आरोपियों को इसी वर्ष 28 जुलाई को एक साल के साधारण कारावास व 500-500 रुपये जुर्माने से दंडित करने का आदेश दिया था।

इसके विरुद्ध आरोपियों ने 14 अगस्त को जनपद न्यायाधीश के न्यायालय में अपील की। इसकी सुनवाई के लिए पत्रावली को एमपी एमएलए कोर्ट अरविंद मिश्र की अदालत में भेजा गया। अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी नीरज श्रीवास्तव और बचाव पक्ष दोनों को सुनने के बाद दोषमुक्त कर दिया। पूर्व मंत्री विजय मिश्र के अधिवक्ता डॉ. जितेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से ऐसा कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया, जिसके आधार पर अभियुक्तों को दोषी ठहराया जा सके। इस आधार पर न्यायाधीश ने दोनों को दोषमुक्त कर दिया।
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मेरे ऊपर आरोप मिथ्या था। न्याय की मुझे पूरी उम्मीद थी। ईश्वर की मेरे ऊपर कृपा हुई। न्यायालय ने मुझे निर्दोष किया। इसके लिए न्यायालय का आभार व्यक्त करता हूं। -विजय मिश्र, पूर्व मंत्री।
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