गैंग डी-131 की सदस्य व बहादुरगंज नगर पंचायत की पूर्व अध्यक्ष निकहत परवीन। स्रोत- सोशल मीडिया
- फोटो : कानीबोझी गांव से कानीबोझी चौराहे तक जाने वाले जर्जर सड़क।
कासिमाबाद/बहादुरगंज। बहादुरगंज नगर पंचायत की पूर्व अध्यक्ष व गैंग डी- 131 की सक्रिय सदस्य निकहत परवीन को पुलिस ने सोमवार को यूनियन बैंक के पास से गिरफ्तार कर लिया। ये कार्रवाई डरा धमकाकर भूमि लिखवाने में दर्ज मामले में की गई । इसमें निकहत परवीन के अलावा उसके पति गैंग सरगना व नगर पंचायत अध्यक्ष रेयाज, उसका भतीजा और साला भी आरोपी हैं। ये सभी आरोपी जमानत पर छूट चुके हैं। कासिमाबाद कोतवाल नंदकुमार तिवारी ने बताया कि17 जनवरी को अब्दुलपुर बहादुरगंज गांव निवासी सुबास सोनकर ने तहरीर देकर प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि अब्दुलपुर मौजा में भूमि थी। बहादुरगंज के दक्षिण मुहल्ला के वार्ड नंबर 11 निवासी रेयाज अंसारी मुख्तार गैंग का सक्रिय सदस्य है। रेयाज अंसारी, उसकी पत्नी निकहत, भतीजा शकील और साला कमाल अहमद ने पिता सरजू सोनकर को धमकी दी थी कि यह जमीन नहीं दिया तो पूरे परिवार को समाप्त कर दिया जाएगा। पिता डर गए। आरोप लगाया कि रेयाज अंसारी ने बंदूक के बल और मुख्तार अंसारी का भय दिखाकर पिता से अंगूठा लगवाकर वसीयत अपने नाम करवा ली। धमकी दी कि अगर कहीं बात खुली तो जान से मरवा देंगे। पिता सरजू सोनकर के निधन के बाद रेयाज अंसारी ने वर्ष 2015 में भूमि पर अपना नाम चढ़वा लिया। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि 27 दिसंबर 2024 को घर जा रहा था। रेयाज अंसारी, उसकी पत्नी निकहत परवीन कुर्सी पर घर के सामने सड़क पर बैठे थे। रेयाज अंसारी से पीड़ित ने कहा कि वसीयत गलत करवा लिए हैं, भूमि लौटा दीजिए। इस पर रेयाज का भतीजा शकील और साला कमाल अहमद आ गए और जातिसूचक शब्दों से गाली और पूरे जान से मारने की धमकी दी। कोतवाल ने बताया कि इस मामले के नामजद रेयाज सहित तीन आरोपी जमानत पर छूट चुके हैं जबकि आरोपी निकहत परवीन की तलाश चल रही थी। सोमवार को कासिमाबाद यूनियन बैंक के पास से पुलिस ने निकहत परवीन को गिरफ्तार कर लिया।