गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी के चलते बाढ़ प्रभावितों ने गृहस्थी का सामान लेकर गांव के प्राथमिक विद्यालय में शरण ली है। गंगा के जलस्तर में हो रही वृद्धि ने ग्रामीणों को चिंता में डाल दिया है। बाढ़ का पानी गाजीपुर से हाजीपुर को जाने वाले एनएच-31 के किनारे तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। अब सड़क के दक्षिण स्थित गांव पानी से घिर गए हैं। बाढ़ की वजह से सड़क के दक्षिण खेतों की फसल में पानी आ जाने से काफी नुकसान हुआ है। महादेवा शिव मंदिर के पीछे भागड़ में पानी आ जाने से शिवगंगा द्वार से बच्छलकापुरा जाने वाली सड़क पर एवं मुहम्मदाबाद से सेमरा होकर शेरपुर जाने वाली सड़क पर पानी लग जाने से बच्छलकापुरा, जियनदासपुर, सेमरा, छनबेइया, पचासी आदि गांवों में अब नाव के सहारे आना-जाना पड़ रहा है। जियनदासपुर गांव में पूरब की तरफ नई बस्ती की झोपड़ियों में पानी आ जाने से उसमें रहने वाले परिवार वालों ने आज सुबह अपनी गृहस्थी का सामान सिर पर लेकर गांव के प्राथमिक विद्यालय में शरण ली। सेमरा के कटान पीड़ित भी साधू की कुटिया के पास आकर रह रहे हैं। बाढ़ के पानी में बड़े-बड़े जीव-जंतु भी बहकर आ रहे हैं। बच्छलकापुरा में एक मल्लाह ने 22 किलोग्राम की मछली को पकड़ लिया जो लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रही। बाढ़ पीड़ित लोगों को प्रशासनिक स्तर पर राहत सामग्री नहीं मिलने से उनमें जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है। जहां कुछ राहत सामग्री का पैकेट दिया जा रहा है वह ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहा है।