गाजीपुर/मौधा। जनपद के पांच तहसील में अग्निशमन केंद्र का निर्माण होना है। लेकिन अभी जमानिया और सदर को छोड़कर अन्य तहसीलों में काम पूरा नहीं हो सका है। जिससे अग्निशमन केंद्र विकसित करने की प्रदेश सरकार की मंशा पूरी होती नहीं दिख रही है। स्थिति यह है कि मुहम्मदाबाद और जखनिया में निर्माण कार्य जारी है। जहां पिछले आठ साल में 65 फीसदी हो पाया है, लेकिन सैदपुर में काम बंद पड़ा है।
सैदपुर तहसील के सेहमलपुर में आठ साल पहले अग्निशमन केंद्र का निर्माण शुरू हुआ, लेकिन अभी तक इसका निर्माण पूरा नहीं हो सका। पिछले पांच साल से आधा-अधूरा बनाकर इसे छोड़ दिया गया है। नवंबर 2014 में 186.21 लाख की धनराशि प्रथम किस्त के रूप में स्वीकृत हुई थी। जबकि इसका निर्माण कार्य अप्रैल 2015 में प्रारंभ हुआ था। हालत यह है कि धनाभाव के चलते सैदपुर के सेहमलपुर गांव स्थित अग्निशमन केंद्र का निर्माण कार्य अप्रैल 2017 के बाद बंद कर दिया गया था।
इसके निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों समेत तत्कालीन विधायक ने भी काफी जोर लगाया, लेकिन काम आगे नहीं बढ़ पाया। इसके निर्माण के लिए पहली किस्त अवमुक्त होने के बाद दूसरी किस्त 292.96 लाख रुपये नहीं आने पर कार्य बंद पड़ा है।
क्वार्टर और प्रशासनिक भवन भी बनना है
अग्निशमन केंद्रों के साथ वहां क्वार्टर, प्रशासनिक भवन बनना है। जिससे कर्मचारियों के लिए रहने की व्यवस्था के साथ अन्य व्यवस्थाओं को बहाल किया जा सके। जमानिया का अग्निशमन केंद्र हाल ही में बनकर तैयार हुआ है। जो सुचारु ढंग से क्रियाशील है। जबकि सदर का सबसे पुराना अग्निशमन केंद्र है।
पांच तहसील में अग्निशमन केंद्र का निर्माण होना था। जिसमें से दो जगह काम चल रहा है। सैदपुर में धनाभाव के चलते काम बंद पड़ा है। जिसे जल्द शुरू करा दिया जाएगा।
- राधेश्याम सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, गाजीपुर
केस एक
लगभग चार वर्ष पूर्व सैदपुर नगर के कपड़ा व्यवसायी रजनी झुनझुनवाला उर्फ विक्की की दुकान में आग लगने से लगभग एक करोड़ का सामान जलकर राख हो गया था। दुकान के ऊपर परिवार भी रहता था। जिसमें व्यापारी की दर्दनाक मौत से पूरा क्षेत्र ही दहल उठा था।
केस दो
इसी वर्ष बीते 31 अगस्त को सैदपुर नगर के ही इलेक्ट्रानिक व्यवसायी सुनील जायसवाल की दुकान में अचानक ही आग लगने से व्यापारी को लगभग पचास लाख का नुकसान हुआ था। मुख्यालय से दमकल पहुंचने में दो घंटे लगे थे। किसी तरह व्यवसायी के परिवार को बाहर निकाल कर उनकी जान बचाई गई।