गो-आश्रय स्थल का संचालन न होने पर बीडीओ से मांगा स्पष्टीकरण
सड़कों पर पशुओं को छोड़ने वाले पालकों पर दर्ज हो मुकदमा: डीएम
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। जिला अनुश्रवण /मूल्यांकन समीक्षा समिति की बैठक बुधवार को रायफल क्लब सभगार में संपन्न हुआ। जिलाधिकारी ने पशु आश्रय स्थलों में संरक्षित पशुओं की जानकारी ली। साथ ही निर्देशित किया कि अगर पशु पालकों द्वारा पशुओं को सड़कों पर छोड़ा जाता है, तो उनके विरूद्ध तत्काल कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कराया जाए। वहीं छावनी लाइन स्थित चमड़ा गोदाम और जल्लापुर में बने गो-आश्रय का संचालन न होने पर सदर खंड विकास अधिकारी को स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि जनपद में 47 गो-आश्रय स्थल है, जिसमें 6006 पशु संरक्षित है औरसहभागिता योजना में 605 पशुओं को पशुपालकों के सुपुर्द किया गया है। डीएम ने स्थाई/अस्थाई गोवंश आश्रय स्थलों पर संरक्षित गोवंश के भरण पोषण मांग के लिए धनराशि अनुमोदन के संबंध में फाइल प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। विकास खंड मनिहारी केहरदासपुर काशी एवं विकास खंड देवकली के सरौली में छुट्टा पशुओं के शिकायत पर फटकार लगाते हुए गोवंश आश्रय स्थलों पर संरक्षित करने को कहा। मनरेगा के तहत छावनी लाइन स्थित चमड़ा गोदाम एवं जल्लापुर में निर्माणाधीन गो- आश्रय स्थल का संचालन न होने पर सदर खंड विकास अधिकारी को स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया। साथ ही जनपद स्तर पर बनाए गए कंट्रोल रूम में प्राप्त शिकायतों को तत्काल निस्तारण कराने को कहा। पशुओं का बराबर वेरिफिकेशन करने के लिए भी निर्देश दिया। इस मौके पर एसपी ओमवीर सिंह, सीडीओ श्री प्रकाश गुप्ता, सीवीओ, खंड विकास अधिकारी, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद/पंचायत एवं अन्य संबंधित जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
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