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Ghazipur News: अधिवक्ताओं और लेखपाल, कानूनगो के बीच मारपीट

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चकबंदी न्यायालय में बबुरा गांव की किसी मुकदमे की फाइल की बात को लेकर बुधवार को सैदपुर तहसील परिसर के सहायक चकबंदी अधिकारी के न्यायालय में अधिवक्ताओं और चकबंदी लेखपालों, कानूनगो के बीच जमकर मारपीट हुई। मारपीट की इस घटना में चकबंदी कानूनगो चंद प्रकाश मिश्र और लेखपाल श्याम बाबू को चोटें आई हैं। मारपीट की इस घटना से पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में तहसील में धारा 144 की धज्जियां उड़ गई। नामांकन पत्र खरीद रहे नगर पंचायत के प्रत्याशियों और विभिन्न न्यायालयों में आए फरियादियों में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। किसी तरह सैदपुर इंस्पेक्टर वंदना सिंह ने घटना पर काबू पाया। दोनों पक्ष सैदपुर कोतवाली में प्रार्थना पत्र देकर प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए देर शाम तक जमे रहे। इस बीच दोनों पक्षों में समझौता के लिए दोनों पक्ष से दबाव बनाया जा रहा था। समाचार लिखे जाने तक कोई हल नहीं निकला। इसके बाद दि तहसील बार एसोसिएशन ने घटना के संबंध में प्रस्ताव पास करते हुए, कार्य बहिष्कार कर दिया। दूसरी ओर घटना के बाद अधिवक्ता समाज और तहसील के कर्मचारियों के बीच आक्रोश देखने को मिला। इस दौरान अधिवक्ताओं ने सैदपुर तहसीलदार अभिषेक सिंह से उनके चेंबर में मिलकर उन्हें घटनाक्रम से अवगत कराते हुए आक्रोश जताया। इसके बाद अधिवक्ता कोतवाली पहुंचे। जहां दि तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश सिंह ने कोतवाल वंदना सिंह को प्रार्थना पत्र सौंपकर, चकबंदी कानूनगो चंद्र प्रकाश मिश्र पर खुद के ऊपर चाकू से जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया। दि तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश सिंह ने बताया कि कुछ दिनों पूर्व उन्होंने कानूनगो के भ्रष्टाचार की शिकायत डीडीसी गाजीपुर से की थी। जिस पर आज अचानक कानूनगो चकबंदी न्यायालय के बाहर मेरी टेबल के पास पहुंचे और धारदार हथियार से मुझ पर हमला करने लगे। शोर मचाने पर जब अधिवक्ता मौके पर पहुंचे, तो वह फरार हो गए। कानूनगो और लेखपाल का आरोप बेबुनियाद है। वहीं घटना के संबंध में चकबंदी कानूनगो चंद्रप्रकाश मिश्रा और लेखपाल श्याम बाबू ने बताया कि अधिवक्ता रमेशचंद्र न्यायालय की फाइल को देखना चाहते थे। जब मैंने मना किया, तो सहायक चकबंदी कार्यालय में घुसकर अधिवक्ता मारने पिटने लगे। जब बीच बचाव में लेखपाल श्याम बाबू पहुंचे, तो उन्हें भी अधिवक्ताओं ने मारा और पीटा। अधिवक्ताओं का यह आरोपी कि उनपर चाकू से हमला किया गया सरासर निराधार और बेबुनियाद है।
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