गाजीपुर। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा की ओर से रविवार को जिलाध्यक्ष के चंदन नगर स्थित आवास पर महान पत्रकार एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी गणेश शंकर विद्यार्थी की जयंती मनाई गई। इस दौरान माल्यार्पण कार्यक्रम एवं विचार गोष्ठी आयोजित हुई। जिलाध्यक्ष अरुण कुमार श्रीवास्तव ने उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वह एक ऐसे क्रांतिकारी पत्रकार थे, जिन्होंने अपनी कलम को हथियार बनाकर अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष किया। उनका पूरा जीवन सत्य, न्याय और स्वतंत्रता की लड़ाई के लिए समर्पित था। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी कलम से ब्रिटिश शासन की क्रूर नीतियों का विरोध किया। उनकी पत्रकारिता निर्भीक और निष्पक्ष थी। वह सत्ता के सामने कभी नहीं झुके और अन्याय के विरुद्ध लिखने के कारण कई बार जेल भी गए। वह मानते थे कि पत्रकारिता केवल सूचना देने का कार्य नहीं है, बल्कि यह जनता को जागरूक करने, उनकी चेतना को विकसित करने और अन्याय के खिलाफ खड़ा करने का माध्यम है। पत्रकारिता के साथ-साथ उनका स्वतंत्रता संग्राम में भी महत्वपूर्ण योगदान था। वह महात्मा गांधी और भगत सिंह दोनों के विचारों से प्रभावित थे। अन्य वक्ताओं ने कहा कि गणेश शंकर विद्यार्थी सिर्फ एक पत्रकार नहीं, बल्कि न्याय और सत्य के योद्धा थे। गोष्ठी में चंद्रप्रकाश, शैल, अजय, मोहनलाल, मनीष, अमरनाथ, आशुतोष, आनंद, अनूप श्रीवास्तव, नवीन श्रीवास्तव, हर्ष, प्रियांशु, आर्यन आदि मौजूद थे। संचालन महामंत्री अरुण सहाय ने किया।