केराकत थाना क्षेत्र के टड़वा गांव में बुधवार की सुबह एक पिता ने अपनी ही 18 महीने की बेटी को गोमती नदी में जिंदा फेंक दिया। हिरासत में लिए जाने पर बोला, इसे पत्नी इसे मायके से लाई थी। वहीं, पत्नी का आरोप है कि गर्भ के ही समय पति कह रहे थे कि बेटी होगी तो वह नहीं रखेगा और पहले भी दो बार बेटी को मारनेे की कोशिश कर चुका है। फिलहाल, पुलिस नदी में फेंकी गई मासूम की तलाश में जुटी हुई है। शाम 6 बजे तक पुलिस गोताखोरों के साथ रुतबी को नदी में ढूंढती रही। थाना प्रभारी निरीक्षक दीपेंद्र सिंह ने बताया कि रुतबी की मां संजू विश्वकर्मा के तहरीर के आधार पर अशोक विश्वकर्मा के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। खरगसेनपुर निवासी अशोक विश्वकर्मा की शादी करीब 21 वर्ष पहले संजू विश्वकर्मा के साथ हुई थी। दोनों से तीन बेटियां आकांक्षा (18), सृष्टी (13) और रुतबी (18 माह) ने जन्म लिया। कोतवाली प्रभारी दीपेंद्र सिंह के मुताबिक बुधवार सुबह करीब नौ बजे केराकत पुलिस को सूचना मिली कि अशोक ने अपनी 18 महीने की बेटी रुतबी को नदी में फेंक दिया है। सूचना पर क्षेत्राधिकारी अजीत रजक, कोतवाली प्रभारी सहित पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। संजू विश्वकर्मा ने पुलिस के सामने आरोप लगाया कि अशोक सुबह करीब सात बजे उसकी मासूम बेटी रुतबी को घुमाने के बहाने घर से निकले थे। काफी देर बाद बड़ी बेटी आकांक्षा ने फोन कर बात करने की कोशिश भी की। लेकिन इसके कुछ देर बाद गांव के एक व्यक्ति ने बताया कि अशोक दो किलोमीटर दूर टड़वा गांव में नदी की तरफ जा रहा है। मां अपनी दोनों बेटियों के साथ उसे ढूंढते हुए नदी के किनारे पहुंच गई। लेकिन वहां कुछ नहीं मिला तब बेटियों ने पुलिस को सूचना दी। जानकारी मिलते ही पुलिस ने अशोक को हिरासत में ले लिया। नदी में गोताखोरों और नाव की मदद से बच्ची की तलाश शुरू कर दी गई।