बाजार भाव अच्छा होने के कारण क्रय केद्रों पर गेहूं की आवक कम हो रही है। इसी का नतीजा है कि खरीद शुरू होने के करीब तीन सप्ताह बाद अब तक 560 मीट्रिक टन से कुछ अधिक की खरीद की जा सकी है। अभी भी विभिन्न संस्थाओं के 42 केंद्रों पर छटांक भर भी खरीद नहीं हुई है। शासन ने जिले को गेहूं की खरीद के लिए लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है। इस वर्ष 83 हजार एमटी की खरीद की जाएगी। इसके लिए विभिन्न संस्थाओं के 70 क्रय केंद्र खोले गए हैं। पहली अप्रैल से 15 जून तक होने वाली खरीद शुरू हुए करीब तीन सप्ताह हो गए हैं लेकिन वह जोर नहीं पकड़ पा रही है। अब तक 28 केंद्रों पर 560.30 एमटी की खरीद की गई है। यह 117 किसानों से हुई है। विपणन विभाग के 17 केंद्रों पर 457.65, पीसीएफ के चार केंद्रों पर 25.15, एफसीआई के एक केंद्र पर 7.65, पीसीयू के चार केंद्रों पर 32.10 तथा यूपीएसएस के दो केंद्रों पर 35.60 एमटी गेहूं खरीदा गया है। बताया गया है कि खुले बाजार में किसानों को गेहूं का अच्छा भाव मिल रहा है। व्यापारी खलिहान से ही किसानों का उचित भाव पर गेहूं खरीद ले रहे हैं। इस कारण क्रय केंद्रों पर वह कम आ रहे हैं। इसी का परिणाम है कि विभिन्न संस्थाओं के दर्जनों क्रय केंद्रों की अभी तक बोहनी नहीं हुई है। इस संबंध में जिला खाद्य विपणन अधिकारी रतन कुमार शुक्ला ने बताया कि खुले बाजार में भाव अच्छा मिलने के कारण केंद्रों पर गेहूं की आवक कम हो रही है। किसान क्रय केंद्रों पर गेहूं की बिक्री कर समर्थन मूल्य का लाभ उठाएं। जमानिया 684, कासिमाबाद 649 तथा सेवराई तहसील के 705 किसान शामिल हैं।न खरीद के संबंध में जानकारी हासिल की। संबंधित को इसमें तेजी लाने का निर्देश दिया। कहा कि केंद्रों पर किसानों की सुविधा की पर्याप्त व्यवस्था रहे ताकि किसानों को किसी तरह की असुविधा न हो।