गाजीपुर। निर्धारित तिथि तक गेहूं की खरीद मंगलवार तक पूरी नहीं हो सकी। ऐसे में गोदामों में जगह, बोरों की कमी और गेहूं न खरीदे जाने की खबर के चलते किसान मायूस लौट गए। खुले में पड़े गेहूं को गोदामों में रखने तक जगह नहीं है। ऐसे में गेहूं की खरीद पूरी नहीं होेने पर उसे खरीदने आखिरी तारीख 22 जून निर्धारित की गई है। अब तक 16414 किसानों से 74743 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है। जो गत वर्षों की अपेक्षा सर्वाधिक है। मौधा : मंगलवार को अंतिम दिन धुआर्जुन और परसनी के क्रय केंद्रों पर किसानों को काफी परेशानी हुई। क्रय केंद्रों पर गोदामों में जगह और बोरों की कमी के चलते दर्जनों किसानों को खाली हाथ मायूूस होकर वापस लौटना पड़ा है। सैदपुर स्थित विपणन केंद्र के प्रभारी आशुतोष चौरसिया ने बताया कि उनके यहां पिछले वर्ष की तुलना में चार गुने से भी अधिक 18 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद की गई है। जबकि परसनी क्रय केंद्र के प्रभारी कन्हैया यादव ने बताया कि उनके यहां अब तक छह हजार क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है। गोदाम में जगह की कमी के चलते कुछ किसानों को वापस लौटाना पड़ा है। धुआर्जुन के क्रय केंद्र के प्रभारी महेशानंद गुप्ता ने बताया कि उनके यहां पांच हजार क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है। कासिमाबाद : ब्लॉक मुख्यालय पर गेहूं खरीद के लिए मार्केटिंग के केंद्र को खरीद केंद्र बनाया गया है। मंगलवार खरीद का अंतिम दिन होने के कारण किसान अपने गेहूं की तौल कराने के लिए परेशान थे। इसी बीच अचानक केंद्र प्रभारी ने बताया कि अब किसी किसान की खरीद नहीं होगी। इसको लेकर किसान उत्तेजित हो गए और प्रदर्शन करने लगे। विपणन केंद्रके प्रभारी सीबी पांडेय की मानें तो अब तक कुल 423 किसानों से 17584 कुंतल गेहूं की खरीद की गई है। किसानों का आरोप है कि गेहूं की खरीदारी धीमी गति से की गई है। अभी भी कई किसान गेहूं बेचने के इंतजार में हैं। मुहम्मदाबाद : गेहूं खरीद का अंतिम दिन होने के कारण कई केंद्रों पर गेहूं रखने की जगह न होने से खरीद बंद रही। इससे अंतिम दिन बेचने के लिए आने वाले किसानों को मायूस होना पड़ा। वजह शाम पांच बजते ही ई-पॉस मशीन से खरीद बंद हो गई।