दुल्लहपुर। थाना क्षेत्र हरदासपुर खुर्द स्थित कोल्ड स्टोर के पास संचालित निजी हेल्थ केयर सेंटर में शुक्रवार की रात एक गर्भवती महिला का आपरेशन से प्रसव कराया, जिसमें नवजात की मौत हो गई। लापरवाही का आरोप लगाते हुए पीड़ित परिजन हंगामा करने लगे। इधर संचालक ने 10 से 15 की संख्या में कुछ युवकों को बुला लिया और प्लास्टिक में रखे नवजात का शव लेकर चले गए। सूचना पर पहुंची पुलिस दो लोगों को हिरासत में लेकर थाने आई और पूछताछ में जुट गई। करीब एक घंटे बाद नवजात का शव लेकर युवक पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही मामले की छानबीन में जुट गई।
खुदाबख्शपुर निवासी गर्भवती अनीता देवी को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उन्हें बीते आठ सिंतबर की सुबह छतमा गांव के एक निजी अस्पताल पर ले गए। महिला के पति मुकेश ने बताया कि डॉक्टर ने प्रसव कराने के नाम पर पत्नी को आठ इंजेक्शन लगाए। इसके बाद भी प्रसव पीड़ा नहीं होने पर उसने ऑटो से हरदासपुर खुर्द स्थित एक हेल्थ केयर सेंटर भेज दिया। बताया कि सेंटर के चिकित्सक ने पहले तो नॉर्मल डिलीवरी कराने को कहा। इसके बाद ऑपरेशन करने की बात कहते हुए 25 हजार रुपये की मांग की और जच्चा- बच्चा दोनों को सही रखने का भरोसा देने पर परिजन ऑपरेशन के लिए तैयार हुए। रात करीब दो बजे ऑपरेशन के बाद पुत्र पैदा हुआ, लेकिन कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई। परिजनों ने प्रसूता से नवजात के मौत की जानकारी छिपा ली। बताया कि नवजात को उपचार के लिए दूसरे अस्पताल में भेजा गया है। इधर नवजात के मौत की जानकारी होने पर अस्पताल में परिजनों के साथ ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। मामला बढ़ता देख मौके से चिकित्सक फरार हो गया। कुछ देर बाद पहुंचे 10 से 12 की संख्या में पहुंचे युवक पीड़ित परिजनों को धमकाते हुए प्लास्टिक के झोले में रखे नवजात का शव लेकर भाग गए। पीड़ित उनका पीछा करने लगे, लेकिन उनका कहीं पता नहीं चला। इस घटना के बाद परिजनों व ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने संचालक को फोन कर नवजात का शव वापस मंगाया। साथ ही पुलिस ने अस्पताल संचालक और उसके दो अन्य सहयोगी को हिरासत में लेकर थाने पहुंची। पुलिस ने नवजात के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थानाध्यक्ष केपी सिंह ने बताया कि नवजात के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों की ओर से तहरीर मिलने पर विधिक कार्रवाई होगी। वहीं सीएमओ डाॅ.देश दीपक पाल नेे बताया कि विभाग के किसी अधिकारी को भेज कर जांच कराई जाएगी।