दिव्यांगों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल वितरण के लिए लाभार्थियों शुक्रवार को 300 आवेदनों का परीक्षण किया गया। इसके लिए विकास भवन स्थित दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग में सुबह 10 बजे से शिविर का आयोजन शुरू हुआ। इससे पूरा परिसर दिव्यांगों और उनके परिजनों से भर गया था। वहीं, कुल 448 आवेदन हए हैं। बाकी की आने वाले दिनों में परीक्षण किया जाएगा।
नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों से आए दिव्यांगजन कार्यालय के बाहर बैठकर अपनी पारी का इंतजार करते रहे। दिव्यांगों ने बताया कि विभाग द्वारा परीक्षण की सूचना दिया गया था। यहां आने के बाद बैठने तक की जगह नहीं है। सर्दी के मौसम में लोगों को जमीन पर सुबह से ही बैठना पड़ रहा है। पहले भी विभाग में परीक्षण के लिए बुलाया गया था और परीक्षण संपन्न भी हुआ था। इसके बाद ट्राईसाइकिल वितरण की कोई सूचना नहीं मिली। करीब दो वर्ष पूर्व ही ट्राईसाइकिल के लिए आनलाइन आवेदन हुआ है। जो अब तक नहीं मिली। शिविर में दिव्यांगों ने विभाग की लापरवाही पर नाराजगी जताई।
पहले भी दिव्यांगों का परीक्षण हुआ था। जिसमें विभाग ने ट्राईसाइकिल नहीं दिया। ऑनलाइन आवेदन किए एक वर्ष से ज्यादा हो गया। कार्यालय पर सुबह से ही परीक्षण के लिए आए है। यहा बैठने के लिए जगह नहीं है। सुबह से ही लोग जमीन पर बैठकर लाइन लगाए हुए है।
- विनोद कुमार गुप्ता, गाजीपुर।
विभाग की लापरवाही से दिव्यांगों को जमीन पर सुबह से लाइन लगाना पड़ रहा है। वहीं पेंशन भी इस वर्ष एक भी किस्त नहीं मिला। रोज- रोज कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है।
- अजय कुमार कुशवाहा, गाजीपुर।
सात माह पहले ट्राईसाइकिल के लिए ऑनलाइन आवेदन हुआ था। यहा लोगों सुबह से ही भीड़ लगाए हुए है। विभाग ने दिव्यांगों के कोई व्यवस्था नहीं किया है। - श्रवण कुमार, रेवतीपुर।
0 दिव्यांगों को दस बजे ही कार्यालय बुलाकर दिव्यांगों को जमीन पर बैठाया गया है। विभाग के जिला मुख्यालय बुलाकर परेशान कर रहे है। सर्दी के मौसम में लोगों को भोर के ही अपने घर से निकले है और यहा जमीन पर बैठे है। - आशीष कुमार मौर्या, बाराचावर।
दो साल पहले बुलाया गया था, लेकिन उस समय वितरण नहीं हो पाया था। इस बार सभी पात्र दिव्यांगों को वितरण कराया जाएगा। प्रक्रिया चल रही है। नरेंद्र विश्वकर्मा, जिला दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी