शेरपुर खुर्द स्थित किसान पूर्व माध्यमिक विद्यालय का दस्तावेज बाहर ले जा रहे शिक्षक और कर्मचारी।
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गाजीपुर। जनपद में बाढ़ के कारण 166 राजस्व गांव और उनके 137 मजरे प्रभावित हैं। इनमें 52 गांवों की सड़क पर बाढ़ का पानी आने से 66 मजरों का संपर्क टूटा है। जिला प्रशासन के मुताबिक 6 हजार 600 परिवार के 34 हजार 790 लोग सड़क पर पानी भरने से प्रभावित हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि अब बाढ़ का पानी घटने लगा है। लेकिन, गंगा नदी अभी भी खतरा बिंदु 63.105 से 1.395 मीटर ऊपर बह रही है। गंगा का जलस्तर बृहस्पतिवार को 64.500 मीटर दर्ज किया गया।गंगा का जलस्तर बुधवार को सुबह 9 बजे 64.690 मीटर पर स्थिर हो गया था। शाम 5 बजे घटाव दर्ज किया गया। डेढ़ सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से घटाव होने से जलस्तर 64.670 मीटर दर्ज किया गया। रात 8 बजे इसी रफ्तार से घटाव होने से जलस्तर 64.660 मीटर रहा। 7 अगस्त को सुबह 10 बजे 2 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर घट रहा था। दोपहर 1 बजे घटने की रफ्तार में एक सेमी प्रति घंटे की कमी आ गई। नतीजतन गंगा का जलस्तर एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से घटाव पर था। औड़िहार : स्थानीय वाराह घाट जलमग्न है। घाट पर मछली पकड़ने वालों की भीड़ लग रही है। बाढ़ का पानी उतरने के साथ ही बदबू से लोग परेशान हैं। उनको संक्रामक बीमारियों के फैलने का डर सता रहा है।