गाजीपुर। कई दिनों तक उफनाने के बाद गंगा के जलस्तर में कमी होने लगी है। पानी घटने के बाद भी प्रभावित क्षेत्र के लोगों की दुश्वारियां कम नहीं हो रही है। सड़कों पर पानी लगने से जहां आवागमन करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है वहीं घरों के भीतर एवं आसपास गंदगी की वजह से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। हालांकि पानी घटने से प्रभावित क्षेत्र के लोग राहत महसूस कर रहे हैं।
करीब एक सप्ताह तक गंगा के जलस्तर में वृद्ध ि का क्रम बना रहा। इस दौरान 64.390 मीटर जलस्तर दर्ज किया गया था। बाढ़ के चलते खेतों में पानी भर जाने से जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों में सैकड़ों बीघा फसल चपेट में आ गई थी। इसके बाद दो दिन तक पानी स्थिर रहा। बीते 31 अगस्त की शाम छह बजे से गंगा घटने लगी। यह सिलसिला शुक्रवार की शाम तक बना रहा। आज छह सेमी की रफ्तार से इसमें कमी दर्ज की गई। शाम छह बजे तक गंगा का जलस्तर 62.640 मीटर दर्ज किया गया। पानी घटने के बावजूद प्रभावित क्षेत्र के लोगों की समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क एवं किनारे पर पानी भरा रहने से आवागमन करने में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को गंदे पानी के बीच से आना-जाना पड़ रहा है। कई जगहों पर बाढ़ का पानी तो निकल गया है लेकिन घर के भीतर एवं आसपास गंदगी का अंबार लगने से दुर्गंध की वजह से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। ग्रामीणों को संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा सता रहा है।