गाजीपुर। विजिलेंस विभाग वाराणसी की टीम की ओर से की गई कार्रवाई के चलते पूरे दिन विकास भवन में हड़कंप मचा रहा। इस कार्रवाई से आक्रोशित कर्मचारियों का आरोप है कि टीम ने उनसे नोकझोंक और हाथापाई की। मौके पर टीम को एक भी रुपये कार्यालय से नहीं मिला। कर्मचारियों ने लामबंद होकर काम बंद कर दिया। इस सूचना पर पहुंचे उपजिलाधिकारी चंद्रशेखर यादव ने उन्हें समझा-बुझाकर शांत कराया। कर्मचारियों ने पत्रक सौंपकर मजिस्ट्रीयल जांच कराने की मांग की।
कर्मचारियों का कहना है कि हम लोगों को पहले कुछ समझ में नहीं आया। जोर से आवाजें आईं तो हम लोग मौके पर पहुंचे तो कुछ लोग लेखाकार अजमत अली के साथ जबरदस्ती करते दिखे। लोगों ने सोचा कि शायद विभागीय शिक्षक से कोई बात हो गई होगी। टीम के लोग हमलोगों से भी धक्का मुक्की और हाथापाई पर उतारू हो गए। विरोध करने पर चिल्लाकर कहा कि कोई पास नहीं आएगा। इनकी शिकायत हुई है इसलिए पूछताछ करनी है। आरोप है कि शिक्षा विभाग में कार्यरत राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष दुर्गेश श्रीवास्तव का धक्का-मुक्की और हाथापाई के दौरान कुर्ता फट गया। वहीं, विजिलेंस विभाग के अधिकारी जबरदस्ती अजमत अली को अपने कब्जे में लेकर चले गए। इसके बाद शिक्षा विभाग के लेखा विभाग में काम करने वाले कर्मचारी लामबंद होकर कार्य बंद करके प्रदर्शन पर बैठ गए।
लेखाकार अजमत अकरम के साथ अन्याय हुआ है। उसके साथ जबरदस्ती की गई। मौके पर एक रुपये भी बरामद नहीं हुआ है न ही उनके हाथ धुलवाए गए। मजिस्ट्रीयल जांच के लिए जिलाधिकारी के प्रतिनिधि उप जिलाधिकारी को पत्रक सौंपा गया है।-दुर्गेश श्रीवास्तव, जिलाध्यक्ष, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद