गाजीपुर। राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत छात्राओं के प्राथमिक उपचार के लिए स्कूलों में आकस्मिक उपचार कक्ष बनाया जाएगा। विद्यालय अवधि में अगर छात्राओं को स्वास्थ्य, पोषण एवं मासिक धर्म से संबंधित कोई समस्या होती है तो उसका समाधान इस उपचार कक्ष में किया जाएगा। उपचार के लिए आसपास के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से महिला डॉक्टरों को बुलाया जाएगा। डाक्टरों को बुलाने की जिम्मेदारी विद्यालय की उस नोडल शिक्षिका या सह नोडल शिक्षिका की होगी, जिसे छात्राओं की देखरेख एवं सहयोग के लिए मनोनीत किया गया है। अगर उपचार कक्ष में छात्राओं को सामान्य उपचार की आवश्यकता पड़ती है तो उसका उपचार नोडल शिक्षिका की ओर से ही किया जाएगा।
जिले में 28 राजकीय माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। जुलाई माह में विद्यालय खुलते ही आकस्मिक उपचार कक्ष काम करना शुरु कर देगा। प्राथमिक उपचार किट के लिए आवश्यक दवाओं की खरीद डाक्टर के परामर्श से की जाएगी। निकटतम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क कर छात्राओं को नि:शुल्क सेनेटरी नैपकिन उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा विद्यालय में आवश्यकता अनुसार सेनेटरी नैपकिन बफर स्टॉक के रूप में संरक्षित रखी जाएगी। बेहतर क्लॉथ पैड तैयार करने वाली छात्राओं को प्रोत्साहित कर उनका पैड निर्माण में सहयोग लिया जाएगा। इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक कौस्तुभ कुमार सिंह ने बताया कि राज्य परियोजना की निदेशक (समग्र शिक्षा) कंचन वर्मा का आदेश आया है, जिसे सभी राजकीय विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को भेज दिया गया है।