गाजीपुर। नेडा की ओर से संचालित पीएम सूर्य घर योजना बिजली निगम के लिए भी सहायक साबित होता नजर आ रहा है। घरों की छतों पर लगे सोलर पैनल और विद्युत पंपों के सोलराइजेशन होने से बिजली निगम को रोज एक मेगावाट बिजली मिल रही है। जिले में कुल 20 घरों की छतों पर सोलर पैनल लगे हैं। जबकि 50 विद्युत चालित पंपों का सोलराइजेशन किया गया है।
बिजली की बचत करने के उद्देश्य से शासन की ओर से सौर ऊर्जा नीति पर जोर दिया जा रहा है। इसके तहत जिले में पीएम सूर्य घर योजना का संचालन किया जा रहा है। इसके तहत अब तक जिले में 20 घरों की छतों पर ग्रीन पॉवर हाउस की स्थापना की गई है। नेडा विभाग की ओर से प्रति किलोवाट की दर से 65 हजार रुपये का अनुदान दिया गया है। सोलर पॉवर प्लांट लग जाने से योजना के लाभार्थी के घर बिजली का बिल नहीं आता है। बिजली की खपत के बाद अतिरिक्त बिजली बिजली निगम के ग्रिड में चली जाती है। इसका भुगतान बिजली निगम की ओर से 3.21 प्रति यूनिट की दर से किया जाता है। वहीं अनुदान की राशि सीधे लाभार्थी के खाते में चली जाती है। छतों पर लगाए गए सोलर पैनल का जीवन 25 वर्षों तक है। जिले में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए पीएम सूर्य घर योजना संचालित की जा रही है।
15 हजार घरों पर ग्रीन पावर हाउस की होगी स्थापना
गाजीपुर। पीएम सूर्य घर योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 के तहत जनपद में 15 हजार घरों की छत पर ग्रीन पावर हाउस स्थापित करने का लक्ष्य नेडा को मिला है। इसके लिए प्रति किलोवाट के हिसाब से 10 वर्गमीटर छाया रहित छत की जरूरत होती है। इससे लोगों को दोहरी बचत का लाभ मिल रहा है। एक तो बिजली बिल का भुगतान नहीं करना होता है, दूसरे ग्रिड में जाने वाली अतिरिक्त बिजली का भुगतान बिजली निगम करता है।
सुनिश्वित करता है निर्बाध बिजली आपूर्ति
गाजीपुर। बिजली निगम के जरिए बिजली उपभोग करने में कई दिक्कतें आड़े आती हैं। निर्बाध बिजली आपूर्ति नहीं हो पाती है। कभी लोकल फाल्ट तो कभी ट्रिपिंग की समस्या आती है। लेकिन, सोलर पैनल के जरिए निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होती है। इसके कारण लोगों का रुझान सौर ऊर्जा की तरफ बढ़ रहा है।
घरों की छतों पर लगे सोलर पैनल से प्रतिदिन एक मेगावाट बिजली निगम को आपूर्ति हो रही है। जिले में जैसे-जैसे सौर ऊर्जा का उपभोग बढ़ेगा, वैसे-वैसे ग्रिड में बिजली आपूर्ति की स्थिति भी बेहतर होगी। बृजेश कुमार, प्रभारी अधीक्षण अभियंता