-वाराणसी, मऊ औैर जौनपुर से की जा रही व्यवस्था, बिजली निगम के उच्चाधिकारियों ने डाला डेरा
-दूसरे जिलों से मंगाए रहे ढाई हजार बिजली के पोल और एक हजार इंसूलेटर
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। जनपद में रविवार की रात आए तूफान से बिजली व्यवस्था पूरी तरह से पटरी से उतर गई है। लगातार तीसरे दिन भी सैकड़ों गांवों की बिजली गुल रही। कई इलाकों में लोग पानी तक के लिए परेशान रहे, जबकि मुहम्मदाबाद और कासिमाबाद इलाके में अधिकांश लोगों के मोबाइल बंद हो गए हैं। तूफान में गिरे करीब दो हजार बिजली के खंभे और 100 ट्रांसफार्मर और एक हजार से अधिक इंसूलेटर के नष्ट होने से बिजली विभाग परेशान है। बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने में जनपद के स्टोर रूम में बिजली के उपकरण खत्म हो गए। ऐसे में उपकरण वाराणसी, जौनपुर, मऊ, आजमगढ़ जिले से मंगाने जा गए हैं। ऐसे में उच्चाधिकारी बुधवार को जिले में डेरा जमाए रहे।
जनपद में बिजली उपकरणों की व्यवस्था में जुटे चीफ इंजीनियर आनंद प्रकाश शुक्ला के मुताबिक तूफान से सबसे ज्यादा क्षति मुहम्मदाबाद और कासिमाबाद तहसील क्षेत्र में हुई है। स्टोर रूम में सामान का अभाव हो गया है। ऐसे में जिसके चलते वाराणसी, आमजगढ़, मऊ और जौनपुर से सामान मंगाए जा रहे हैं। इसमें मुख्य रूप से ढाई हजार बिजली के खंभे, एक हजार इंसूलेटर शामिल हैं। वहीं, ट्रांसफार्मर आदि की व्यवस्था की जा रही है।
उन्होंने बताया कि विद्युत वितरण खंड प्रथम और द्वितीय (मुहम्मदाबाद और कासिमाबाद) में सबसे अधिक विद्युत आपूर्ति बाधित है। तूफान के कारण 128 फीडर की आपूर्ति ठप हुई। इसमें 55 को दुरुस्त कर लिया गया है। जबकि 61 को आंशिक रूप से चालू कर दिया है। उम्मीद है कि दो दिन के अंदर सभी फीडर चालू हो जाएंगे। इसके लिए पेट्रोलिंग की जा रही है।
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कई जगहों पर गिरे पड़े हैं खंभे
बारा: गांव के पूर्वी खेल मैदान मार्ग पर बिजली का खंभा टूटकर गिरा हुआ है। इससे तीन दिन से बिजली आपूर्ति ठप है। इबरार खान, बबलू , सैफ अली, भोलू राम, खेदु राम आदि ने बताया कि तीन दिन पहले आए तूफान से विद्युत पोल टूटकर गिर गया। पोल टूटने के बाद बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। मौधा: सैदपुर नगर क्षेत्र में बिजली की अघोषित कटौती जारी है। जौहरगंज से मौधा उपकेंद्र को जाने वाले 33 हजार केवीए का तार उसके पोल के क्षतिग्रस्त होने के बाद हवा में लटका हुआ है। सौना, खानपुर, रामपुर आदि विद्युत उपकेंद्रों से मिलने वाली आपूर्ति महज 4 से 6 घंटे की रह गई है।
20 प्रतिशत क्षेत्रों में ही हो पाई बिजली आपूर्ति
बिरनो। तीन दिन बाद भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है। लोगों को पीने का पानी और मोबाइल चार्ज करने में परेशानी हो रही है। बिठौरा के प्रधान लल्लन सिंह ने बताया कि धान की खेती के लिए भी पानी की आवश्यकता है। लेकिन, तीन तीन से बिजली आपूर्ति ठप है। बिरनो विद्युत उपकेंद्र के जेई मिथिलेश यादव ने बताया कि तूफान के कारण पूरे क्षेत्र में लगभग 200 खंभे टूटे हैं, जिनकी वजह से ज्यादा समय लग रहा है। बिरनो विद्युत उपकेंद्र पर 5 फीटर है। इसमें केवल 20 प्रतिशत ही विद्युत का संचालन हो पाया है। सबसे ज्यादा समय टूटे हुए खंभों को बदलने में लग रहा है।
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पानी का खड़ा हुआ संकट
दुबिहां। रविवार को हुए तूफान के चलते बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। मुहम्मदाबाद के नगर क्षेत्र व युसुफपुर दालमंडी सहित दुबिहां विद्युत सब स्टेशन के सैकड़ों गांवों की बत्ती गुल है। युसफपुर के कुछ स्थानों पर पानी का संकट है। असावर स्थिति जल निगम की टंकी से पानी का सप्लाई बंद है। सबस्टेशन दुबिहां पर बिजली नहीं आ सकी। हरदासपुर,नेवादा ,कमसडी दुबिहां, असावर ,भठवा सरेजा ,गोबिंदपुर,पाहुपुर कुसहा ,गडार, आदि गांवों मे बिजली के पोल और तार टूटकर गिर जाने से बिजली लगभग अस्सी घंटे से बंद है। इस संबंध में उपखंड अधिकारी करीमुद्दीनपुर राजनारायण विश्वकर्मा ने बताया कि विद्युत की बहाली का कार्य चल रहा है।
बीच सड़क पर तीन दिन से गिरा है पेड़
सिधागरघाट: तूफान में महड़ौर विद्युत उपकेंद्र से संबंधित 50 बिजली के खंभे टूटकर धराशायाी हो गए। इसकी वजह से बुधवार तक बिजली आपूर्ति पूर्णरूप से चालू नहीं हो सकी। मुहम्मदपुर गांव से साधापुर होते हुए जाने वाले सड़क पर तीन दिनों से पेड़ गिरा है, जिससे पाली, सुरवत, मुहम्मदपुर टंडवा आदि गांवों के लोगों को कासिमाबाद जाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। अवर अभियंता रविंद्र नाथ सिंह ने बताया कि लगभग 50 बिजली के खंभे सहित आधा दर्जन टांसफार्मर व सैकड़ों पेड़ धराशायी हो चुके हैं। दूरस्थ क्षेत्रों में भी 2 दिन के अंतर्गत पूरी सुचारू रूप से बिजली व्यवस्था बहाल कर दी जाएगी।
रात में हुई बारिश, उड़ी लोगों की नींद
गाजीपुर। जनपद में मंगलवार की देर शाम से ही हल्की बूंदाबांदी और तेज हवाएं चलने लगी थी। रात में भी हवाओं संग बारिश हुई। ऐसे में लोगों की नींद उड़ी रही। लोग डर रहे थे कहीं रविवार की रात की तरह विनाशकारी तूफान फिर से आ जाए। हालांकि बुधवार की सुबह बारिश के बाद दिनभर मौसम में बादलों का लुका-छिपी का खेल जारी रहा। वहीं, देर शाम तक तेज हवाएं चलीं।