मुहम्मदाबाद। प्रतीक चिह्न मिलने के बाद अब प्रत्याशी समर्थकों के संग जनसंपर्क को निकलने लगे हैं। घर-घर जाकर वोट की दरकार और विकास का वादा मतदाताओं से किया जा रहा है। जबकि मतदाता भी खामोशी से उनके अभिवादन का जवाब देकर उन्हें आश्वस्त कर रहे हैं। जबकि यही खामोशी प्रत्याशियों को खल जा रही है। प्रत्याशी सुबह और शाम घर-घर पहुंच कर मतदाताओं की चौखट चूमते नजर आ रहे हैं। प्रधान पद के प्रत्याशियों के साथ छुटभैया नेताओं की टोली भी निष्ठा के साथ लग गई है। वह घर-घर जाकर गांव का विकास कराने का राग अलापते हुए अपने पक्ष में मत देने की बात कर रहे हैं। गांव में किसी परदेसी मतदाताओं के आने की बात सुनते ही प्रधान पद के प्रत्याशी अपने खर्च से रेलवे स्टेशन और बस स्टेशन पर गाड़ी भेजकर उसे लाने का कार्य कर रहे हैं। बीमार लोगों का हाल जानने और उन्हें दवा कराने का कार्य भी वह अपने पैसे से करा रहे हैं। किसी के घर शादी-विवाह या किसी भी प्रकार का आयोजन होने पर प्रत्याशी पूरे दिन अपनी सेवा दे रहे.हैं। लोक-लुभावने वादे के साथ पैसा देने और शराब बांटने का दौर भी शुरु हो गया है। एक प्रत्याशी दूसरे प्रत्याशियों की कारगुजारियों को बताते हुए अपने पक्ष में मतदाताओं को मत देने के लिए कहते हुए पैर पकड़ते नजर आ रहे हैं। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव जैसे-जैसे अपने शबाब की ओर बढ़ रहा है वैसे-वैसे प्रत्याशियों के पक्ष में वोट मांगने के लिए गांव में एक तरफ महिलाओं की टोली चल रही है तो दूसरी तरफ युवाओं और बुजुर्गों की टोली मतदाताओं को अपने-अपने पक्ष में लामबंद करने में दमखम के साथ लग गई है।