मनिहारी। पीजी कॉलेज मलिकपुरा में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की पांचवीं वर्षगांठ के अवसर पर बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ तथा अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के संयुक्त तत्वावधान में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि जखनिया के विधायक बेदी राम ने कहा कि नई शिक्षा नीति समाज के गरीबों, वंचितों और अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने का संकल्प है। यह नीति भारतीय समाज को नई दिशा और नई ऊर्जा प्रदान करेगी। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता लालबहादुर शास्त्री स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. उदयन मिश्र ने कहा कि यह नीति शिक्षा को भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों और वैश्विक प्रतिस्पर्धा से जोड़ने का प्रयास है। इससे अनुसंधान, कौशल और मूल्य-आधारित शिक्षा को नई गति मिलेगी। विशिष्ट अतिथि पंकज दुबे ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार नहीं, बल्कि समाज में मानवीय संवेदनाओं का विस्तार भी होना चाहिए। संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए कॉलेज के प्राचार्य प्रो. दिवाकर सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिकता का अद्भुत संगम है। यह नीति विद्यार्थियों को केवल डिग्रीधारी नहीं, बल्कि जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनाने का प्रयास करती है। कार्यक्रम का संचालन संयोजक डॉ. सर्वेश पांडेय तथा डॉ. अनुज कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से किया। आभार डॉ. शिवप्रताप यादव ने व्यक्त किया।