गाजीपुर। जिले में संचालित 16 राजकीय हाईस्कूल के शिक्षकों और कर्मचारियों को तीन माह से वेतन नहीं मिलने से परिवार भुखमरी की कगार पर पहुंच गया है। चालू माह में भी वेतन मिलने के आसार नहीं दिखाई दे रहे हैं। उधर, राजकीय शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री से वेतन दिलाने की गुहार लगाई है। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत संचालित राजकीय हाईस्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों को ही वेतन नहीं मिला है। जबकि राजकीय इंटर कालेज के में वेतन नियमित दिया जा रहा है। स्थिति इसलिए पैदा हुई है कि राजकीय इंटर कालेज के शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन का पूरा बजट राज्य सरकार की ओर से जारी किया जाता है जबकि राजकीय हाईस्कूल के शिक्षकों और कर्मचारियों को वेतन केंद्र और राज्य सरकार के अंशदान से प्राप्त होता है। पिछले तीन माह से यह बजट आवंटित नहीं किया गया है। यह स्थिति पूरे प्रदेश में व्याप्त है। जिले में 16 राजकीय हाईस्कूलों में कार्यरत 34 नए शिक्षकों को मार्च माह से वेतन नहीं मिला है। दो विद्यालय ऐसे हैं जहा के सभी स्टाफ को मार्च से अब तक का वेतन नहीं दिया गया है। इसके अलावा अप्रैल और मई माह का वेतन देने के लिए बजट उपलब्ध नहीं है। राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्यामनारायन सिंह यादव और संघ के प्रांतीय प्रवक्ता रामअवतार यादव ने मुख्यमंत्री से वेतन देने के लिए बजट आवंटित करने की मांग की है। आरोप लगाया कि सिर्फ राजकीय हाईस्कूल के शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन के लिए समय से बजट आवंटित करने में सौतेला व्यवहार किया जाता है। कहा कि संगठन से मांग की गई थी कि हाईस्कूल का बजट प्लान से हटाकर नान प्लान के तहत राजकीय इंटर कालेजों के साथ आवंटित करने की व्यवस्था कर दी जाए लेकिन वह भी सरकार ने आज तक किया। जिला विद्यालय निरीक्षक डा. ओपी राय ने बताया कि अभी तक शासन से बजट रिलीज नहीं हुआ है। शासन को डिमांड पत्र भेजा गया है। बजट मिलते ही वेतन जारी किया जाएगा।