मरदह। रामलीला में कलाकारों के साथ दुर्व्यवहार एवं मारपीट के साथ अफवाह फैलाकर मामले को ऐसा तूल दिया गया कि बाजार में दशहरा मेले का आयोजन नहीं हो सका। लोग घरों में कैद हो गए। पूजा पंडालों में सन्नाटा पसरा रहा। हालांकि पुलिस प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में कर लिया। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस लगातार चक्रमण करती रही। इधर गिरफ्तार युवकों को पुलिस ने शनिवार को निजी मुचलके पर छोड़ दिया। तब जाकर शाम चार बजे रविदास मंदिर परिसर में आयोजित धरना समाप्त हुआ। ग्रामीणों में चर्चा थी कि बीते 14 अक्तूबर की रात मंचन कर रहे कलाकारों से दुर्व्यवहार और रामलीला कमेटी के सदस्यों से मारपीट का मामला तो शांत हो गया था। दूसरे दिन जब मेले के आयोजन की तैयारी चल रही थी तो वहां पहुंचकर मारपीट कर कमेटी के अध्यक्ष को घायल करने की घटना समझ से परे है। बवाल के चलते दशहरा पर्व पर मेला न लगने लोगों में मायूसी रही। इधर पूजा पंडालों में भी सन्नाटा पसरा रहा। तीसरे दिन हुए पथराव के चलते बाजार में अफरातफरी का माहौल बना रहा है। दुकानों पर ताले लटक गए और सन्नाटा पसर गया। इधर दोपहर एक बजे से गिरफ्तार युवकों को छोड़ने की मांग को लेकर रविदास मंदिर परिसर में धरने पर बैठे लोगों को एसपी ग्रामीण ने समझा-बुझाकर शांत कराया। साथ ही चारो युवक निजी मुचलके पर छोड़ दिए गए। इसके बाद शाम चार बजे धरना समाप्त हुआ। इस संबंध में एसपी ग्रामीण राजधारी चौरसिया ने बताया कि गिरफ्तार युवकों को निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया है।