जलकल विभाग में सीवरेज परियोजना के तहत चेंबर बनाते मजदूर।
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गाजीपुर। गंगा को स्वच्छ रखने और नगर को नाला जाम से जल्द ही मुक्ति मिलेगी। नालों का गंदा पानी और कचरा अलग करने के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) भी स्थापित किया जाएगा। नालों का गंदा पानी गंगा में न गिरे इसमें यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। 282 करोड़ की इस परियोजना की निगरानी जिलाधिकारी के जरिए की जा रही है। शासन के निर्देश पर अमृत योजना और नमामि गंगे परियोजना के तहत 282 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन सीवरेज परियोजना जल्द ही मूर्त रूप लेने वाली है। परियोजना का कार्य दो फेजों में हो रहा है। करीब 84 किमी में सीवरेज पाइप डालने का कार्य भी तेजी से चल रहा है। अब तक 67 किमी तक पाइप पड़ चुकी है। सबकुछ ठीक रहा तो नाला जाम एवं गंदा पानी सड़कों पर फैलने से भी नगरवासियों को मुक्ति मिलेगी। 2019 के दिसंबर माह में स्वीकृत सीवरेज परियोजना के तहत पूरे नगर में पाइप डालने का कार्य एक साल से चल रहा है। जल निगम का दावा है कि आगामी जुलाई माह तक परियोजना पूरी हो जाएगी। इसमें दो फेजों का काम होना है। पहले फेज में अमृत योजना में 17.667 किलोमीटर पाइप बिछानी है। अब तक 12 किमी बिछाई जा चुकी है। जबकि फेज दो में 65 किलोमीटर पाइप बिछानी है, इसमे 55 किलोमीटर का काम हो चुका है। शेष पाइप बिछाने का कार्य प्रगति पर है। पाइप बिछाने के बाद नगर के दो हिस्सों में पाइपों को आपस मेें जोड़ने के लिए चेंबर बनाए जाएंगे। यह चेंबर जलकल विभाग के परिसर में और दूसरा स्टीमर घाट पर बनाया जाएगा। यहां से गंदा नाले का पानी अंधऊ के समीप बनने वाले सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में जाएगा। ट्रीटमेंट प्लांट करीब डेढ़ साल मे ंबनकर तैयार होगा।