गाजीपुर। विभिन्न मार्गों पर चल रहे डग्गामार वाहन रोडवेज की आय पर डाका डाल रहे हैं। इन वाहनों के संचालन से स्थानीय डिपो को रोजाना करीब दो लाख रुपये की चपत लग रही है। इन पर अंकुश लगाने के लिए कभी-कभार जांच अभियान चलाया जाता है। इसकी हनक एक-दो दिन तो दिखाई देती है। इसके बाद स्थिति जस की तस हो जाती है। राज्य सड़क परिवहन निगम के स्थानीय डिपो के बेड़े में वर्तमान समय में 64 बसें संचालित हैं। जिले से कई महानगरों दिल्ली, मथुरा, कानपुर, लखनऊ, गोरखपुर, इलाहाबाद और वाराणसी के लिए बसें चलाई जा रही है। इसके अलावा मऊ, आजमगढ़, बलिया के साथ ही जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बसों का संचालन किया जा रहा है। इन बसों के संचालन से डिपो को रोजाना करीब सात से आठ लाख तक की आय हो रही है। इसके बावजूद आय में कुछ और इजाफा संभव है लेकिन विभिन्न मार्गों पर डग्गामार वाहन उसको अच्छी-खासी चपत लगा रहे हैं। गाजीपुर-वाराणसी, गाजीपुर-मऊ तथा गाजीपुर-आजमगढ़ मार्ग पर डग्गामार वाहन बेखौफ चल रहे हैं। उच्चाधिकारियों की ओर से जारी फरमान के अनुसार कभी-कभार संयुक्त जांच अभियान चलाया जाता है। इस कवायद का एक-दो दिन ही असर दिखाई देता है। इसके बाद इन वाहनों का संचालन फिर शुरू हो जाता है। इस संबंध में स्थानीय डिपो के वरिष्ठ केंद्र प्रभारी आरके पांडेय ने बताया कि बीते दिनों चलाए गए जांच अभियान के दौरान करीब दर्जन भर वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई। डग्गामार वाहन के संचालन को लेकर निगम गंभीर है।