थाना सराय मलिकराज गांव में मंगलवार को राशन के लिए कोटे की दुकान पर ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। इधर कुछ देर बाद ही कोटेदार महिला के पति की अचानक की तबीयत बिगड़ गई और मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान के दबाव की वजह से मौत हुई है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कोटेदार द्वारा राशन देने के नाम पर एक-एक दिन का बहाना बनाया जा रहा है। इससे नाराज होकर उन्होंने कोटे की दुकान पर धरना शुरू कर दिया। कोटेदार महिला मीरा देवी ने बताया कि ज्यादातर लोगों को राशन दे दिया गया था। कुछ कार्डधारकों को राशन देना शेष था। रिश्तेदारी में एक युवक की मौत हो गई थी तो दो दिन बाद राशन देने की बात कही गई थी।
आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान गांव के कई लोगों को लेकर घर के सामने धरना-प्रदर्शन करने लगे और जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। जबकि पति देवसरन राम लोगों से गुहार लगाते रहे, लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी। इसी दौरान पति की तबीयत खराब हो गई और वह उल्टी करने लगे। थोड़ी देर में बेसुध होकर जमीन पर लेट गए।
आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान द्वारा बहुत ज्यादा दबाव देने के कारण पति की मौत हुई है। ग्राम प्रधान कमलेश राम ने बताया कि करीब 50 कार्ड धारकों का राशन कोटेदार ने नहीं दिया था। कार्ड धारक घर पहुंचकर दबाव बनाने लगे। इसकी सूचना तत्काल आपूर्ति निरीक्षक और 112 नंबर पर पुलिस को दी गई। इसके बाद आपूर्ति निरीक्षक और पुलिस के साथ कोटे की दुकान पर पहुंचा था। कोटेदार महिला का आरोप सरासर गलत और निराधर है।
आपूर्ति इंस्पेक्टर संतोष सिंह ने बताया कि कोटे की दुकान महिला मीरा देवी के नाम पर है। ग्राम प्रधान के फोन करने पर जब मौके पर पहुंचे तो पता चला कि कोटेदार महिला का पति देवसरन राशन की दुकान का सब कार्य देखता है। वह बेसुध पड़ा हुआ था। वह बात करने की हालत में नहीं था। उससे कोई बात नहीं हुई। जिन लोगों का अंगूठा नहीं लगा था उन लोगों को दूसरे गांव की दुकान से राशन दिलवाया गया है। थानाध्यक्ष श्यामजी यादव ने बताया कि परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है।