गाजीपुर। पीजी कॉलेज के कृषि विज्ञान केंद्र में महिला प्रशिक्षणार्थियों को सहजन खाने के लाभ के बारे में अवगत कराया गया।
गृह वैज्ञानिक डाॅ. रागिनी दूबे ने बताया कि सहजन को सुपर प्लांट भी कहा जाता है। इसमें ढेर सारे औषधीय गुण भी पाए जाते हैं। हमें इसे अपनी रोजमर्रा की डाईट में उपयोग करना चाहिए। यह पेड़ ऐसा है जिसकी पत्ती से लेकर फल और फली तक सबकुछ लाभकारी होता है। यह पेड़ वैसे पूरी दुनिया में उगता है। इसे उत्तर भारत में ही पैदा माना जाता है। इसके सेवन से हम अनेक बीमारियों को दूर भगा सकते हैं। साथ ही इसके पौधे रोपित कर एवं प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ उत्पाद से अधिक आय अर्जित कर सकते हैं।
डाॅ. रागिनी ने सहजन के फायदे पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मोरिंगा की पत्तियां प्रोटीन का बड़ा स्रोत हैं। मोरिंगा की पत्तियों में कैल्शियम, पोटैशियम, आयरन के अलावा कई तरह के विटामिन्स और एंटीआक्सीडेन्ट कंपाउड्स होते हैं, जो फ्री रेडिकल्स खत्म करते हैं। ये फ्री रेडिकल्स कई तरह की बड़ी बीमारियों की वजह होते हैं। सहजन की फलियां विटामिन, कैल्शियम से भरपूर होती है। सहजन कोलेस्टाल के लेवल को कम करता है। सहजन के पत्तों में न्यूरोटासमीटर भी होता है जो काम काज की गतिविधियों में सुधार करता है। उन्होंने सहजन की पत्तियों के प्रयोग के बारे में जानकार देते हुए बताया कि उन्हें सूखाकर पाउडर बना लेते हैं। पत्तियों के पराठे एवं नमकीन मठ्री, पूड़ी आदि बना सकते हैं और सहजन के फूल से हम उसमें थोड़ा सा हल्दी मिला के कई तरह के पेय पदार्थ बनाते हैं जो कि हमें एनर्जी देता है और हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाता है।
बताया कि सहजन की फलियों से हम सब्जी बनाते हैं। अचार, संभर, दालें आदि में उपयोग करते हैं। इसका उपयोग करने से महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर का भी खतरा कम हो जाता है। सहजन की जानकारी एवं बनाने की विधि के साथ ही महिला प्रशिक्षणार्थियों को सहजन की फलिया भी वितरित की गईं।