गाजीपुर। शहर में नशे के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाओं का कारोबार करने वाले गिरोह का पुलिस ने सोमवार को भंडाफोड़ किया है। कारोबार संचालन के सरगना समेत 11 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही भारी मात्रा में दवाइयां, इंजेक्शन व नकदी बरामद की है। आरोपी बिहार से नशे के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाइयों व इंजेक्शन को सस्ते दामों में खरीदकर यहां ऊंचे दाम पर बेचते थे।
पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने सोमवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि जिले में नशे के व्यापार की सूचना काफी दिनों से मिल रही थी। पुलिस टीम बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए काम कर रही थी। रविवार को कोतवाल दीनदयाल पांडेय के नेतृत्व में पुलिस भ्रमण कर रही थी। इसी दौरान मिली सूचना के आधार पर महुआबाग में रविवार की देर रात 11 बजे दबिश देकर 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के पास से नशे के लिए इस्तेमाल होने वाली बुप्रीनारफीन इंजेक्शन 210 पीस, दो एमएल एम्पुल और 30 शीशी प्रत्येक 10 एमएल ऐविल इंजेक्शन एवं 560 पीस निडिल और 180 पीस सिरिंज और बिक्री का 10020 रुपये बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपियों ने बताया गया कि बिहार से नशे के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाइयां व इंजेक्शन सस्ते दामों में खरीदते हैं। नशा करने वाले लोगों को ऊंची कीमत पर बेचते तथा लगाते हैं।
इनकी हुई गिरफ्तारी
1. धीरेंद्र त्रिपाठी निवासी महुआबाग शहर कोतवाली।
2. छट्ठू राम निवासी टडवा यूसुफपुर कोतवाली मुहम्मदाबाद।
3. सोनू पासवान निवासी नवापुरा यूसुफपुर कोतवाली मुहम्मदाबाद।
4. अजय कुमार चौबे निवासी राजापुर थाना करीमुद्दीनपुर।
5. सत्या निवासी ताड़ीघाट थाना सुहवल।
6. रोहित निवासी खुदाईपुरा शहर कोतवाली।
7. सुजीत कुमार निवासी निवासी चीतनाथ छवलका इनार शहर कोतवाली।
8. सद्दाम निवासी सराय की गली शहर कोतवाली।
9. राजेश निवासी टडवा कालोनी यूसुफुपुर थाना मुहम्मदाबाद।
10. शेरू निवासी नवाब फाटक शहर कोतवाली।
11. संत लाल निवासी कलेक्टर घाट शहर कोतवाली।
लंबे समय से कारोबार करता था धीरेंद्र
गाजीपुर। शहर कोतवाली महुआबाग से दबोचे गए नशीली दवाइयों के कारोबार गिरोह का सरगाना धीरेंद्र त्रिपाठी लंबे समय से यह कार्य करता था। धीरे- धीरे आरोपी जनपद में नेटवर्क बना रखा था। जनपद के ही मुहम्मदाबाद, करीमुद्दीनपुर, सुहवल सहित शहर के 19 से 22 वर्ष के उम्र वालों को धंधे में शामिल किया था। इनसे बिहार दवाइयों एवं इंजेक्शन का खेप मंगाता था।
कमजोर वर्ग के लोगों को बनाता था निशाना
गाजीपुर। कमजोर वर्ग के लोगों को निशाना बनाते थे, जो कूड़ा- कबाड़ और साफ-सफाई करके जीवन यापन करते थे। सूत्रों की माने तो कूडा- कबाड़ बेचकर जो पैसे मिलते थे, उससे वह नशे के लिए दवायों एवं इंजेक्शन को खरीदते थे। कोतवाल दीनदयाल पांडेय ने बताया कि आरोपी अपना कारोबार जनपद में फैला रखा था। हालांकि छानबीन की जा रही है।