पहल : पुरानी जड़ता को तोड़ने की एक छोटी सी शुरुआत है साहित्यिक यात्रा
राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय के हिंदी विभाग की ओर से अनूठी पहल
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय के हिंदी विभाग के तत्वावधान में गाजीपुर की समृद्ध साहित्य परंपरा के यात्रा कार्यक्रम के तहत एक शृंखलाबद्ध अनूठी पहल की शुरुआत की गई है। इसका उद्देश्य जिले के साहित्यकारों के घर तक पहुंचकर छात्राओं को उनके व्यक्तित्व और कृतित्व के विषय में जानकारी प्रदान करना है। इसकी शुरूआत नवगीतकार डॉ. उमाशंकर तिवारी के घर चले कार्यक्रम से हुई।
इस साहित्यिक यात्रा को रवाना करते हुए प्राचार्य प्रोफेसर सविता भारद्वाज ने कहा कि यह एक अनूठा आयोजन है। नई पहल पुरानी जड़ता को तोड़ने की एक छोटी सी शुरुआत है।स्मृति शेष डॉ. उमाशंकर तिवारी के घर पहुंच कर छात्राओं ने स्वनिर्मित कविता पोस्टर से उनके घर को सजाया। उनकी पांडुलिपियों को देखा।
कार्यक्रम के सूत्रधार डा. निरंजन कुमार यादव ने इस कार्यक्रम के औचित्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी के छात्र-शिक्षक क्लास रूम, नोट्स और पाठ्यक्रम-डिग्री तक सिमट जाएं, यह 21वीं सदी में साहित्य और मानवता दोनों के लिए घातक है।
डॉ. उमाशंकर तिवारी के पुत्र डा. संतोष तिवारी ने अपने पिता के साहित्यिक जीवन से जुड़े कई संस्मरण सुनाए। हिंदी विभाग की अध्यक्ष डा. संगीता मौर्य ने कहा कि वाराणसी में पढ़ते हुए हम किसी भी साहित्यकार के घर नहीं जा पाए। कम से कम गाज़ीपुर की छात्राएं अपनी साहित्यिक परंपरा को जानने से वंचित न रहें।
डा. शशिकला जायसवाल ने कहा कि यह परंपरा और आधुनिकता को जोड़ने वाली यात्रा है, जिससे हमारी संस्कृति समृद्ध होगी। छात्राओं ने एक काव्य गोष्ठी का भी आयोजन किया। इसमें डॉ. संगीता मौर्या एवं डॉ. शशिकला जायसवाल ने अपने कविता पाठ से सभी का मन मोह लिया।
डा. राकेश कुमार पांडेय ने कहा कि इस तरह के साहित्यिक आयोजनों से शहर में एक संस्कृति निर्मित होती है। एमए की छात्रा किरन यादव एवं ज्योति शर्मा ने कार्यक्रम के लिए 20 कविता पोस्टर बनाए। श्वेता यादव ने पूरे कार्यक्रम की रिपोर्टिंग तथा किरन यादव ने इस पूरे आयोजन पर डाक्यूमेंट्री फिल्म बनाई।
मीडिया प्रभारी डा. शिवकुमार ने कहा कि इस तरह के आयोजन से इस शहर में साहित्यिक जीवंतता के साथ कुछ रचनात्मक माहौल भी बनेगा। कार्यक्रम का संचालन हिंदी विभाग की शोधार्थी श्वेता यादव ने किया।