भीमापार। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) सैदपुर के उर्दू प्रवक्ता और मरदह ब्लॉक में डायट मेंटर के रूप में कार्यरत युवा लेखक और स्काॅलर डॉ. मंजर कमाल को उर्दू भाषा एवं साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रीय उर्दू शिक्षक कर्मचारी संघ (पंजीकृत) की ओर से विश्वविद्यालय श्रेणी में राष्ट्रीय उर्दू पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। इस पुरस्कार के लिए संगठन के अध्यक्ष वासिल अली की अध्यक्षता वाली चयन समिति की तरफ से देश भर से कुल 50 लोगों का चयन किया गया है। यह सम्मान हर वर्ष भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल भाषा, साहित्य और शिक्षा एवं अध्यापन के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया जाता है।
मऊ शहर के मोहल्ला पुरा लच्छीराय निवासी डॉ. मंजर कमाल की प्रारंभिक शिक्षा शैक्षिक संस्थान जामिया आलिया अरबिया मऊ में हुई। उन्होंने आर्थिक तंगी के बावजूद स्नातक तक की शिक्षा मऊ में ही प्राप्त की। इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए वह दिल्ली गए। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से एमए, एमफिल और पीएचडी की डिग्री हासिल की। उनके पुरस्कार के लिए चयनित होने की खबर जैसे ही गाजीपुर और मऊ में उनके शुभचिंतकों को मिली उनमें खुशी की लहर दौड़ गई। डायट प्राचार्य-जिला विद्यालय निरीक्षक भाष्कर मिश्रा, डीआईओएस सिद्धार्थनगर सोमारू प्रधान, चेयरमैन अरशद जमाल, प्रभुनाथ चौहान, राजीव यादव, मिनहाज आलम, यूसी राय, डायट प्रवक्ता शिवकुमार पांडेय, अभय चंद्रा, डॉ. सर्वेश राय, आलोक कुमार, राजवंत सिंह, हरिओम यादव, आलोक तिवारी, बृजेश कुमार, राकेश यादव, नवल गुप्ता, मनोज सिंह आदि ने उन्हें बधाई दी है।