न बेंच ना झूले... धनाभाव में सुंदरीकरण अधूरा
नई सहकारी कॉलोनी से न्यू मार्केट तक बनी सड़क, मिली राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। नगर के प्रमुख कॉलोनियों एवं मुहल्लों में स्थापित पार्कों के कायाकल्प और सुंदरीकरण कार्य पर धनाभाव के काले बादल मंडरा रहे हैं। करीब चार माह से धन न मिलने से शहर के प्रमुख कॉलोनियों की सूची में शामिल गांधी पार्क आम घाट के सुंदरीकरण का कार्य जस का तस रूका पड़ा है। स्थिति यह है कि बैठने के बेंच, बच्चों के लिए झूला, इंटर लाकिंग पाथ-वे तक का काम शुरू होना तो दूर मुख्य गेट के फिनिशिंग के बाद रंगाई-पोताई का कार्य पूर्ण अब तक नहीं हो सका है। इधर नपा प्रशासन प्रस्तावित बजट के दूसरे किस्त के न आने का रोना रो रहा है। हालांकि लंबे समय से क्षतिग्रस्त नई सहकारी कॉलोनी से न्यू मार्केट तक जाने वाली सड़क के इंटरलाकिंग निर्माण से लोगों को काफी राहत मिली है। खासकर उस मार्ग पर स्थित विद्यालय में पढ़ाई करने वाले बच्चों को काफी सहूलियत पहुंची है।
शहर के गांधी पार्क सहित करीब आधा दर्जन पार्कों के कायाकल्प करने के लिए नपा की ओर से मरम्मत कार्य के साथ निर्माण कार्य के अलावा रंगाई-पोताई कराकर एक नया लुक देने का प्रयास किया गया था, लेकिन धन अभाव की कमी इस कार्य में रोड़ा बनी हुई है। नई सहकारी कॉलोनी स्थित गांधी पार्क आमघाट के सुंदरीकरण के लिए बीते दिसंबर माह में अमृत योजना के तहत करीब 41. 83 लाख रुपये की लागत से सुंदरीकरण कार्य का शिलान्यास किया गया था। इसके तहत पार्क में टहलने के लिए रंगीन पेवर्स इंटरलाकिंग, बच्चों के लिए झूला, प्रकाश व्यवस्था के लिए अच्छी लाइट, बैठने के लिए बेंच, डस्टबिन, शौचालय, पार्क के कुएं का फाउंडेशन एवं चहारदीवारी का निर्माण होना था। शिलान्यास के बाद नपा की ओर से कार्य शुरू करा दिया गया और इसके तहत जर्जर हो चुकी चहारदीवारी का निर्माण कराने के साथ उसे ऊंचा किया गया। साथ ही पेंटिंग का कार्य किया गया। पाथ-वे के किनारे पौधों के बीच लाईटिंग लैंप लगाई, लेकिन मुख्य द्वार के गेट के फिनिशिंग का कार्य तो हो गया, लेकिन रंगाई-पोताई नहीं हो सकी है। यहीं नहीं बैठने के लिए बेंच, शौचालय, पार्क के कुएं का फाउंडेशन, झूला सहित अन्य कार्य अब तक धन अभाव के चलते शुरू नहीं हो सका है। विभाग की माने तो शासन को दूसरी किस्त जारी करने के लिए प्रस्ताव भेजा गया, लेकिन करीब चार माह बाद भी भुगतान नहीं हो सका। ऐसे में कार्य जस का तस ठप पड़ा हुआ है। हालांकि करीब छह वर्ष से जर्जर और आवागमन के लिए परेशानी का सबब बना नई सहकारी कॉलोनी से न्यू मार्केट तक करीब नौ लाख 85 हजार रुपये के बने इंटरलाकिंग सड़क से लोगों को राहत मिली है। इस संबंध में ईओ नपा लालचंद्र सरोज ने बताया कि शासन की ओर से बजट मुहैया कराते ही शेष कार्य पूर्ण करा लिए जाएंगे। गेट बन गया है, फिनिशिंग का कार्य पूर्ण हो चुका है। रंगाई-पोताई का कार्य शेष है। वह भी धीरे-धीरे पूर्ण कराया जा रहा है।