जिला अधिवक्ता महासंघ के तत्वावधान में बृहस्पतिवार को 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अधिवक्ताओं ने सरजू पार्क में धरना प्रदर्शन किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री को संबोधित पत्रक जिलाधिकारी को सौंपा गया। बताते चलें कि पूरे जनपद के अधिवक्ताओं को एकजुट कर महासंघ बनाया।
अधिवक्ता समाज के लिए तत्पर रहते हैं लेकिन मिलने वाली सुविधाओं के समय अधिवक्ता वर्ग को नकार दिया जाता है। ऐसी परिस्थिति में अधिवक्ताओं ने अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर बृहस्पतिवार को न्यायिक कार्य से विरत रहे और सरजू पांडे पार्क में धरना प्रदर्शन किया।
उनकी मांग है कि अधिवक्ताओं की उत्तर प्रदेश राजस्व विभाग न्यायिक राजस्व अधिकारियों की नियुक्ति करने की योग्यता विधि स्नातक होना निर्धारित हो। साथ ही उच्च न्यायालय प्रयागराज की व्यवस्था के सापेक्ष में राजस्व न्यायिक अधिकारी से लगाए। राजस्व राजस्व परिषद तक का गठन कर राजस्व संबंधित विवादों का निर्णय सुनिश्चित कराया जाए। अधिवक्ताओं को संख्या के आधार पर विधान परिषद व राज्यसभा में भागीदारी सुनिश्चित किया जाए। राज्य विधिक परिषद के सदस्यों का निर्वाचन क्षेत्र संपूर्ण उत्तर प्रदेश राज्य ना करके अधिवक्ताओं की संख्या के आधार पर अधिवक्ताओं का सीमित क्षेत्र जिला स्तर पर निर्धारित किया जाए।
अधिवक्ताओं को पेंशन लागू हो और 5 वर्ष से कम प्रैक्टिस अधिवक्ताओं को लाइब्रेरी के लिए पांच हजार महीना आर्थिक मदद दी जाए। साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर अधिवक्ताओं को आयुष्मान योजना एवं किसान सम्मान योजना का लाभ दिया जाए। अधिवक्ताओं की सुरक्षा व्यवस्था शासन द्वारा किए जाने के लिए अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम को तात्कालिक प्रभाव से लागू किया जाए।
न्यायपालिका राजस्व न्यायालय एवं कार्यपालिका में व्याप्त भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज उठा कर आवश्यक कार्रवाई किया जाए। अधिवक्ताओं को आवासी व्यवस्था के समाधान हेतु अधिवक्ता कॉलोनी के रूप में सस्ते दर पर प्लाट आवंटित कर उस पर भवन निर्माण हेतु बैंक से न्यूनतम दर से ऋण प्रदान किया जाए। अधिवक्ता कल्याण निधि की सीमा 10 लाख रुपये की जाए और अधिवक्ताओं के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना लागू किया जाए। धरना प्रदर्शन कार्यक्रम की अध्यक्षता महासंघ के अध्यक्ष सुरेश सिंह और संचालन महासचिव तारिक सिद्दीकी ने किया।