गाजीपुर। पशु पालन विभाग इन दिनों सुर्खियों में है। कुछ दिन पहले राजकीय पशु चिकित्सालय के हैंडओवर का मामला प्रकाश में आया था। अब नया मामला बहुउद्देशीय वाहन का है। इसको लेकर विभाग में रार मची है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी व उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सदर आमने-सामने हैं।जिले में 16 ब्लॉक हैं। टीकाकरण, पशुओं के उपचार व अन्य विभागीय कार्यों को लेकर जिले के सभी ब्लॉकों पर एक-एक बहुउद्देशीय वाहनों की व्यवस्था की गई है। सदर डिप्टी सीवीओ डॉ. अश्विनी सिंह का आरोप है कि सीवीओ डॉ. एके शाही ने उनके वाहन को अपने यहां मंगवा लिया। साथ ही अपने पुराने वाहन को उनके यहां भेज दिया। जो वाहन भेजा गया है, उसका टायर खराब था। काफी प्रयास के बाद उसको दुरुस्त किया गया। लेकिन, वाहन के खराब बैट्री को नहीं बदला गया। इससे आवागमन में काफी दिक्कत हो रही है। वहीं इस प्रकरण को लेकर उन्होंने 17 सितंबर को पशु पालन विभाग के अपर निदेशक व मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को पत्र लिखा।
इसके बाद पशु पालन विभाग के अंदरखाने वाहन को लेकर मचा सियासी घमासान उजागर हो गया। इस प्रकरण में सीवीओ व डिप्टी सीवीओ की अपनी-अपनी दलीलें हैं।