गाजीपुर। माफिया मुख्तार अंसारी पर दर्ज मनी लॉड्रिंग के मामले में ईडी का शिकंजा तेजी से कसता जा रहा है। पुत्र की गिरफ्तारी और साले को पूछताछ के लिए हिरासत में लेकर प्रयागराज जाने के बाद अब जुड़े अन्य सदस्यों पर भी कार्रवाई की तलवार लटकने लगी है। ऐसे में ईडी का भय सता रहा है। इधर मंगलवार की सुबह एक फिर ईडी के आने के चर्चाओं का बाजार जनपद में गर्म रहा।
लंबे समय से विभिन्न मामलों के संगीन धाराओं में सलाखों के पीछे बंद मुख्तार अंसारी और उनसे जुड़े लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई चल रही है। एक तरफ जहां प्रशासन और पुलिस की टीम लगातार इनकी और परिजनों सहित अन्य सदस्यों की अचल संपत्तियों को कुर्क करने में जुटा हुआ है। वहीं प्रवर्तन निदेशालय की टीम माफिया के खिलाफ दर्ज मनी लॉड्रिंग के मुकदमे के मामले में कार्रवाई करने में जुटी हुई है। कुछ माह पूर्व प्रयागराज से आई ईडी की टीम ने शहर के तीन तो मुहम्मदाबाद में पहुंचकर घंटों छानबीन और पूछताछ के बाद वापस लौट गई थी। दोनों सालों सरजील रजा उर्फ आतिफ एवं अनवर शहजाद के न्यायालय में आत्मसमर्पण करने के बाद ईडी जिला कारागार पहुंची थी और घंटों पूछताछ करने के बाद वापस लौट गई थी।
इधर मुख्तार अंसारी के पुत्र और मऊ के विधायक अब्बास अंसारी के गिरफ्त में आने के बाद ईडी ने कार्रवाई में तेजी लाना शुरू कर दिया। रिहाई के बाद ही बीते सात नवंबर को जिला कारागार के बाहर से साले सरजील रजा उर्फ आतिफ को हिरासत में लेकर प्रयागराज लेकर रवाना हो गई थी। सूत्रों की माने तो अब टीम दोनों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ कर सकती है और मनी लाड्रिंग संबंधित जानकारी हासिल करेगी। इधर एक बार फिर ईडी के जनपद में धमकने और साले को साथ ले जाने के बाद माफिया से जुड़े लोगों की भी धड़कनें तेज हो चुकी हैं।