गाजीपुर। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि वक्फ बोर्ड में तमाम विसंगतियां हैं। वक्फ बोर्ड में संशोधन की आवश्यकता है, क्योंकि वफ्फ बोर्ड के अध्यक्ष अपने ढंग कानून चलाते हैं। इसमें सरकार का कोई दखल नहीं होता है। इसलिए सरकार कानून लेकर आ रही है कि यदि कहीं कोई गलती होती है तो उसमें सरकार दखल कर सकती है। इस मामले का सपा मुखिया अखिलेश यादव की ओर से विरोध किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वो मुसलमानों का वोट लेने और उन्हें गुमराह करने के लिए ऐसा कर रहे हैं। वह सोमवार को डाक बंगले में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस, सपा और बसपा ने पिछड़े, दलित और मुसलमानों के कंधों पर बंदूक रखकर राजनीति की। लेकिन, उन्होंने कुछ नहीं किया। आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश को सही बताते हुए उन्होंने कहा कि पात्रों को आरक्षण देना चाहिए। मैं खुद 22 साल से कह रहा हूं कि जो मजबूत जातियां हैं उन्हें आरक्षण के दायरे से निकालकर पात्र और वंचित जातियों को आरक्षण का लाभ देना चाहिए। इस फैसले का मायावती को भी स्वागत करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि रोहणी आयोग की रिपोर्ट आ गई है और कमेटी समीक्षा भी कर चुकी है। राष्ट्रीय स्तर पर आरक्षण को बांटकर देने की सरकार तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री भी सदन में कई बार इस पर अपनी बात रख चुके हैं। अयोध्या मामले में अखिलेश यादव की ओर से डीएनए जांच की मांग करने के सवाल पर हंसते हुए उन्होंने कहा क्योंकि उनके पिता (मुलायम सिंह यादव) ने ही कहा था कि बच्चों से गलती हो जाती है। आरोप लगाया कि पहले ही सपा ने आरोपी को बचाने का काम किया। उन्हें जांच करानी चाहिए थी। उस बेटी और उसकी बेटी का बयान है कि वीडियो बनाकर परेशान किया जाता है। अब तो योगी सरकार बुलडोजर वाली है। ऐसी घटना की मैं निंदा करता हूं। ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए। इसे लेकर कड़े कानून लाने चाहिए। सांसद को पद को इस्तीफा दे देना चाहिए।