संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। शहर में बिजली के जर्जर तार लटकने से आए दिनों दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। हालांकि विद्युत विभाग जर्जर तार को बदलने का दावा कर रहा है लेकिन हर ओर विभाग की लापरवाही साफ दिख रही है।
नगर के कई इलाकों में सड़क से सटकर और मकानों के बगल से बिजली के तार दौड़ रहे हैं। इतना ही नहीं नगर के बाजारों में काफी नीचे तक तार लटकने से लोगों के सिर मौत का खतरा मंडरा रहा है। इससे बचने के लिए जहां कई दुुकानदारों ने तारों पर प्लास्टिक का कवर चढ़वा दिया है, वहीं कई दुकानदारों ने डंडा अथवा बांस लगाकर उसे दूर किया है।
दुकानदारों का कहना है कि कई बार विभाग को इस खतरे से अवगत कराया गया है, लेकिन वह गंभीर नहीं है। इससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि शायद कोई बड़ा हादसा होने के बाद वह इन तारों की सुध लेगा।
नगर के विभिन्न इलाकों में बिजली आपूर्ति के लिए विभाग द्वारा तार दौड़ाया गया है। लेकिन ये तार नगर के दुकानदारों और राहगीरों के लिए खतरा बनकर लटके हुए हैं। विकास भवन चौराहे के पास सड़क काफी नीचे बिजली का तार लटका हुआ है। वही तार में कई जोड़ भी है। इससे सड़क से गुजरने वाले लोग और दुकानदार भयभीत रहते हैं कि कहीं जर्जर तार टूटकर किसी के उनपर गिर न पड़े।
नगर के महुुआबाग में सड़क किनारे स्थित आधा दर्जन दुकानदारों पर जर्जर विद्युत तारों की वजह से खतरा मंडरा रहा है। न सिर्फ तार काफी नीचे लटक रहा है बल्कि दस कदम पर तार में दस से पंद्रह जोड़ भी हैं। यहां भी दुकानदारों ने बांस की मदद से तारों को दूर किया हुआ है।
रौजा स्थित खोवा सड़क किनारे स्थित मकान के ऊपर 11 हजार लाइन का तार गुजर रहा है। तार में करेंट का प्रभाव इस कदर है कि घर के लोग छत पर जाना भूल गए है। यह स्थिति नगर के विभिन्न मुहल्लों में देखने को मिलता है।
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शहर में जब बिजली के तार को दौड़ाया गया था तब शहर की इतनी घनी आबादी नहीं थी, री-वैंप योजना के तहत शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र के जर्जर तार और पोल को बदला जाना है। कार्यदायी संस्था कार्य कर रही है। बहुत जल्द इन तारों को बदल दिया जाएगा। - राकेश मोहन, एसी विद्युत विभाग