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जर्जर तार बन रहे हादसों का सबब

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सुहवल/कासिमाबाद/मौधा। विद्युत विभाग की लापरवाही के चलते जर्जर और लटकते तार हादसों का सबब बने हैं। इसे लेकर महमकमा उदासीनता बरत रहा है। उधर इलाकाई लोग किसी बड़े हादसे की आंशका से सहमे हुए हैं। उनका कहना कि शिकायत के बाद भी लोगों की सुरक्षा के बारे में अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। सुहवल : क्षेत्र के विभिन्न गांवों में अधिकतर जगहों पर विद्युत एलटी व एचटी लाइन के जर्जर तार और पोल लटक रहे हैं। जो बडे हादसे का कारण बन सकते हैं। क्षेत्र के मिर्जापुर, कालूपुर, सुजानपुर, बवाड़ा, पटकनियां, युवराजपुर, उधरनपुर, सुगवलियां, मिर्जापुर,मेदिनीपुर, तिलवां, पकडी, डेढगावां समेत अन्य गांवों में इस तरह के जर्जर विद्युत पोल व तार देखे जा सकते है। कई बार जानवर व ग्रामीण इसके चपेट में आकर झुलस चुके हैं। कासिमाबाद : विद्युत उपकेंद्र की विद्युत आपूर्ति जर्जर तारों के टूटने से लगातार प्रभावित हो रही है। सबसे बुरी हालत सिंगेरा फीडर की है। इस फीडर के तार पावर हाउस से लेकर सिंगेरा गांव तक जर्जर हो चुके हैं। ऐसे में दर्जनों बार विद्युत आपूर्ति प्रभावित होती है। इधर, मौसम थोड़ा ठंडा होने के कारण तार टूटने की शिकायत कुछ कम हुई है। कासिमाबाद चौराहा और कस्बा जर्जर तारों से पटा है। 11 हजार की लाइन भी जर्जर होने से बड़ा हादसा होने का अंदेशा है। यही हाल गंगौली फीडर का भी है। पूरे गंगौली गांव में जर्जर तार से आबादी घनी होने के कारण दुर्घटना होने की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले पांच वर्ष से अधिक हो गए कोई तार बदला नहीं गया है। मौधा : सैदपुर नगर के विभिन्न वार्डों में बने मकानों और दुकानों की दीवारों से बिजली के तार सटकर गुजर रहे हैं। हालत यह है कि घरों और स्कूलों की छतों पर झूलते हुए हाईटेंशन के तार जनता के लिए भी परेशानी का कारण बने हैं। सैदपुर के परसनी विद्युत उपकेंद्र क्षेत्र के विशुनपुरा गांव में प्राथमिक विद्यालय के नजदीक 11 हजार वोल्ट को प्रवाहित कर रहा पोल टूट कर शौचालय की जर्जर दीवार से टिका है। क्षेत्र के जिऊली देवगांव मार्ग पर औड़िहार से जाते समय अमेंदा गांव के पास वाहन की टक्कर से बिजली का पोल टूटकर एक दूसरे पोल के सहारे टिका हुआ है।
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