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डिजिटल हस्ताक्षर अपडेट की प्रक्रिया सुस्त

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सुहवल। पंचायत स्तर पर भ्रष्टाचार को रोकने के लिए बनाए जा रहे डिजिटल हस्ताक्षर को अपडेट करने की प्रक्रिया धीमी चल रही है। विभागीय उदासीनता के चलते 255 नव निर्वाचित ग्राम प्रधानों के हस्ताक्षर अपडेट नहीं हो पाये हैं। इससे उन गांवों को विकास कार्य कराने के लिए वित्तीय अधिकार नहीं मिल पा रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार, अभी तक 1238 ग्राम पंचायतों में से मात्र 983 नवनिर्वाचित प्रधानों के ही हस्ताक्षर अपडेट किए जा सके हैं। बाकी 255 नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों के हस्ताक्षर अपडेट नहीं हुए हैं। इससे उन्हें पंचायतों में विकास कार्यों की योजनाओं को आगे बढाने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। जिन पंचायतों के प्रधान, सेक्रेटरी के हस्ताक्षर अपडेट हो चुके हैं उन ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार होने लगी हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी रमेश चंद्र उपाध्याय ने बताया कि ग्राम प्रधानों व सेक्रेटरियों के डिजिटल हस्ताक्षर के अपडेट करने की प्रक्रिया जारी है। बहुत जल्द ही डिजिटल हस्ताक्षरों को अपडेट कर दिया जायेगा। जिसके बाद पंचायतों में विकास कार्य तेजी से हो सकेंगे। बता दें कि बिना डिजिटल हस्ताक्षर के धनराशि का भुगतान नहीं हो पाएगा। जिले की गठित ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों, सेक्रेटरियों के विवरण एवं डिजिटल हस्ताक्षर ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर अपडेट की प्रक्रिया धीमी है। सचिवों को ग्राम पंचायतों के खातों में नए सिरे से ई-केवाईसी करने के भी निर्देश दिए गए हैं। मालूम हो कि जिले में पंचायतों का चुनाव बीते 29 अप्रैल को मतदान कराया गया था। इसमें से 738 पंचायतों का ही गठन की प्रक्रिया पूरी हो सकी थी। शेष 500 पंचायतों के गठन की प्रक्रिया वार्ड सदस्यों के दो तिहाई निर्वाचन न होने से नहीं हो सका था। इसके बाद 12 जून को शेष पंचायतों के गठन की प्रक्रिया पूरी करने के लिए 5672 वार्ड सदस्यों, तीन प्रधान और चार क्षेत्र पंचायत सदस्यों के उपचुनाव कराए गये थे। वार्ड सदस्यों के दो तिहाई निर्वाचन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद गठन से वंचित रही शेष पंचायतों का गठन हो सका था।
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