गाजीपुर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) सैदपुर की तस्वीर बदल जाएगी। यहां आधुनिक लैब, लाइब्रेरी से लेकर हॉस्टल तक की सुविधा होगी। इसे भारत सरकार के सहयोग से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (उत्कृष्टता केंद्र) के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके तहत 15 करोड़ की लागत से संसाधनों के विकास के साथ ही आधुनिकीकरण के कार्य होंगे। संस्थान को यह सौगात मिलने के बाद शिक्षकों को और बेहतर ढंग से प्रशिक्षित किया जा सकेगा।
जिले के सैदपुर में स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) सैदपुर की स्थापना वर्ष 1996 में हुई थी। यह प्रशिक्षण संस्थान छह हजार वर्ग मीटर की क्षेत्रफल में है। हर वर्ष 400 डीएलएड प्रशिक्षु यहां से प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। अब डायट का कायाकल्प कर उन्हें उत्कृष्टता केंद्रों के रूप में तब्दील किया जाएगा। भारत सरकार की योजना है कि शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों को आधुनिक आवश्यकता एवं तकनीक के अनुरूप विकसित किया जाए। इसके तहत 15 करोड़ रुपये से यहां भी आधुनिकीकरण के कार्य होने हैं। पुराने प्रशासनिक भवन, कक्ष की मरम्मत के साथ ही नया प्रशासनिक भवन, 12 क्लास रूम, लैब, आधुनिक लाइब्रेरी, कंप्यूटर कक्ष, ऑडिटोरियम, सेमिनार हाॅल, स्टाफ क्वार्टर और विशेष रूप से छात्राओं के लिए हॉस्टल का भी निर्माण किया जाएगा। प्रभारी उप शिक्षा निदेशक प्राचार्य हेमंत राव की ओर से केंद्र एवं राज्य सरकार को इस परियोजना का प्रस्ताव पहले ही प्रस्तुत किया जा चुका है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस संबंधित कार्यों की रूपरेखा डायट प्रवक्ता डा. हरिओम यादव और गौरव जायसवाल की देखरेख में गठित समिति की ओर से की जा रही है। डा. हरिओम यादव ने बताया कि आवश्यक ले-आउट और एस्टीमेट तैयार कर एससीईआरटी को भेजा गया है।
केंद्र सरकार को डीपीआर बनाकर भेज दिया गया है। कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग को नामित कर दिया गया है। शुक्रवार को एससीईआरटी लखनऊ में प्रोजक्ट का प्रजेंटेशन किया गया है।- हेमंत राव, प्रभारी उप शिक्षा निदेशक- प्राचार्य डायट