उसके बाद पीएम नरेंद्र मोदी के हाथों परियोजना का उद्घाटन होना संभावित है। इसके बाद नई लाइन पर ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा। शनिवार को ट्रायल से पहले रेलवे के उच्चाधिकारियों व तकनीकी टीम ने करीब एक दर्जन से अधिक बार मोटो ट्राली से रेल लाइन का निरीक्षण किया। संतुष्ट होने के बाद ही डीजल इंजन के ट्रायल को पूर्वोत्तर रेलवे के अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाई।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के पुत्र अभिनव सिन्हा ने रेलवे के अधिकारियों के साथ परियोजना का मोटो ट्रॉली से निरीक्षण किया। मालूम हो कि इस परियोजना की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 14 नवंबर 2016 को रखा था। जिसके करीब छह साल बाद पहले चरण की परियोजना पूरी हुई। इस अवसर पर आरबीएनएल के सीपीएम विकास चंद्रा, पीडी जीवेश ठाकुर, जीपीटी इंफ्रा प्रोजेक्ट के वाइस प्रेसिडेंट अश्वनी कुमार समेत अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
जम्मू के एलजी मनोज सिन्हा
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पूर्व रेल राज्य मंत्री व जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को ताड़ीघाट-मऊ नई रेल लाइन के डीजल इंजन से सफल ट्रायल होने पर जनपदवासियों को ट्वीट कर बधाई दी। ट्वीटर हैंडल पर उन्होंने लिखा कि लगन अगर सच्ची हो तो बन जाते है सेतु जल पर, इतिहास उन्हीं का होता है, जो रखते पांव अनल पर।
आगे उन्होंने लिखा कि गाजीपुर वासियों का स्वप्न हुआ साकार साक्षी हैं मां गंगा की लहरें। जुड़ गया गाजीपुर ताड़ीघाट। अंत में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसके लिए धन्यवाद दिया। दरअसल, मनोज सिन्हा के रेल राज्यमंत्री रहने के दौरान ही ताड़ीघाट-मऊ रेल परियोजना को मोदी सरकार में मंजूरी मिली और प्रधानमंत्री ने नवंबर 2016 में परियोजना की अधारशिला रखी थी।