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उखड़ते गए पत्थर, जमती गई धूल

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उपेक्षा का शिकार भुतहिया टांड़ स्थित सैनिक चौराहा। - फोटो : GHAZIPUR
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गाजीपुर। नगर के कायाकल्प किए गए चौराहे बदहाल हो गए हैं। जहां नक्काशीदार पत्थर टूट कर बिखर गए हैं तो वहीं रखरखाव नहीं होेने से इन पर धूल भी जम गई है। निवर्तमान जिलाधिकारी की पहल का यह हाल लोगों के गले नहीं उतर रहा है। लेकिन प्रशासन को इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा। नहीं तो अब तक यह दुबारा सज संवर गए होते। नगर की सुंदरता बढ़ाने के लिए कुछ वर्ष पहले कई चौराहों का कायाकल्प किया गया था। लेकिन वर्तमान में इनकी सूरत बिगड़ गई है। प्रमुख चौराहों पर लगे नक्काशीदार आकर्षक पत्थर जहां जगह-जगह से उखड़कर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। वहीं साफ-सफाई के अभाव में इन पर धूल की परत जमी हुई है। शहर के प्रमुख मिश्रबाजार, भुतहिया टांड़, विशेश्वरगंज, सिंचाई विभाग एवं विकास भवन चौराहों की रंगत गायब होती जा रही है। कुछ वर्ष पहले तत्कालीन जिलाधिकारी संजय खत्री ने चौराहों को सुंदरीकरण कराने का कार्य कराया था। इन स्थानों को तिराहे एवं चौराहों के रूप में विकासित करने के साथ चबूतरा एवं उसे नक्काशीदार पत्थरों से एक नया कलेवर दिया गया। तत्कालीन डीएम के इस कार्य में स्वयंसेवी संस्थाओं ने स्वेच्छा से योगदान दिया था और एक-एक चौराहों एवं तिराहे को गोद लेकर विकसित किया, लेकिन आज स्थिति यह है कि मिश्रबाजार स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा के किनारे-किनारे लगे महंगे नक्काशीदार पत्थर टूट चुके हैं। भुतहिया टांड़ के पास चौराहे के बीचो-बीच पत्थरों से सैनिक चौराहा तो बना, लेकिन अब देख-रेख के अभाव में जीर्णशीर्ण अवस्था में पहुंच गया है। यही हाल अन्य चौराहों का भी है।
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