शहर के महुआबाग स्थित अग्रवाल स्वीट्स से जब्त की गयी देशी घी के टीन। स्रोत- खाद्य सुरक्षा विभाग
गाजीपुर। शहर के पॉश इलाके महुआबाग स्थित अग्रवाल स्वीट्स से करीब एक माह पूर्व जब्त देसी घी की हुई जांच में मिलावट की पुष्टि हुई है।
इसके बाद शनिवार को हरकत में आया खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से इंचार्ज संदीप अग्रवाल को नोटिस जारी कर एक माह में जवाब मांगा है। साथ ही देसी घी का प्रयोगकर मिठाई बनाने, भंडारण व वितरण पर रोक लगा दिया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के सहायक आयुक्त (खाद्य) रमेश चंद्र पांडेय ने बताया कि लखनऊ से आई रिपोर्ट में देशी घी में विजातीय वसा, मानक से अधिक आयोडीन व तिल का तेल के मिलावट की बात सामने आई है। मानक से अधिक पाया गया। देसी घी में करीब 25 से 38 प्रतिशत आयोडीन होना चाहिए, जो मानक अनुरूप माना जाता है, लेकिन जांच में 56 प्रतिशत आयोडीन पाया गया है। वहीं वनस्पति और डालडा में तिल का तेल मिलता है, लेकिन देसी घी में तिल का तेल मिला है। विजातीय वसा मिला है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। सहायक आयुक्त (खाद्य) ने बताया कि शहर के टेढ़ीबाजार निवासी और अग्रवाल स्वीट्स के इंचार्ज संदीप अग्रवाल के यहां 15 अक्तूबर को छापा मारकर 9.35 लाख का करीब 1439 किग्रा देसी घी जब्त किया गया था। इसमें से नमूना लेकर लखनऊ स्थित खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला भेजा गया था। जांच में पता चला कि प्रयोग हो रहा देसी घी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है ओर उसमें विजातीय वसा, आयोडीन वैल्यू मानक से अधिक मिली, नमूने में तिल का तेल भी मिला पाया गया है। विश्लेषक के मुताबिक यह घी मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।