गाजीपुर/जमानिया। किसान विरोधी तीन कृषि कानूनों के विरोध में शनिवार को अखिल भारतीय किसान महासभा के आह्वान पर विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान तीनों कृषि कानूनों की प्रतियां जलाने का प्रयास किया गया लेकिन पुलिस ने रोक दिया। भाकपा माले कार्यालय से कृषि कानून की प्रतियों को हाथ में लेकर कार्यकर्ता खेत-खेती-किसान बचाओ, कॉरपोरेट का राज मिटाओ, देश बचाओ-लोकतंत्र बचाओ, काले कृषि कानूनों को वापस लो आदि नारे लगाते हुए तहसील मुख्यालय की ओर जाने के लिए निकले तो पहले से मौजूद पुलिस ने सभी को रोक दिया। इस दौरान महासभा के राष्ट्रीय सचिव ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा ने कहा कि किसानों की मांगों को लेकर सरकार की हठधर्मिता समझ से परे है। अगर सरकार मांगों को पूरा नहीं करती है तो आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि किसान विरोधी तीनों कानून वापस लिए जाएं और किसान आयोग का गठन किया जाए। कोविड का भय दिखाकर आंदोलन को दबाया नहीं जा सकता है। हम सभी एकजुट हैं और जब तक मांगें नहीं मानी जाएगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा। पुलिस एहतियात के तौर पर तहसील मुख्यालय के पास रामलीला मैदान तहसील परिसर आदि जगहों पर तैनात रही। माले कार्यालय से निकलते ही विरोध करने जा रहे लोगों को रोक दिया गया। इस अवसर पर विजयी बनवासी पंचरतन कुशवाहा छोटेलाल ठाकुर श्यामप्यारी आदि उपस्थित थे। गाजीपुर कार्यालय पर वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिया है। प्रदेश में लाखों की तादाद में सरकारी पद ख़ाली हैं। युवा डिग्री लेकर घूम रहे हैं। रोजगार देने की कोई योजना नहीं है। अंत में केंद्र सरकार को संबोधित मांग पत्र सदर तहसीलदार को सौंपा। इस अवसर पर मनोज कुशवाहा, प्रमोद कुशवाहा, आलोक कुमार, रोहित, जानदेव, सुरेश चौहान, शकुंतला देवी, विजयी वनवासी, बुच्चीलाल, गुलाब सिंह, रामवृक्ष मौर्य, नंदकिशोर बिंद ने विचार व्यक्त किया।