संवाद न्यूज एजेंसी
बारा। गहमर - बारा के बीच गंगा घाट पर प्रस्तावित पक्का पुल को रामपुर - रेवतीपुर में स्थानांतरित किए जाने की सूचना को लेकर गहमर - बारा पक्का पुल निर्माण संघर्ष समिति की आसपास के गांवों में बैठकों का दौर लगातार जारी है। शनिवार को समिति के सदस्यों की एक प्रतिनिधिमंडल गंगा पार के गांव फिरोजपुर में ग्रामीणों के साथ बैठक कर पुल के स्थानांतरण पर रोक लगाए जाने को लेकर चर्चा की। चेताया कि अगर पुल के स्थानांतरण पर रोक नहीं लगाया गया तो वे अनशन करते हुए जनआंदोलन करने को बाध्य होंगे।
भदौरा चतुर्थ से जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि अफजाल आलम ने फिरोजपुर के ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि गहमर - बारा के बीच गंगा नदी पर प्रस्तावित पक्का पुल को कुछ राज नेताओं द्वारा अपने निजी स्वार्थ के लिए अन्यत्र स्थानांतरित किए जाने की सूचना प्राप्त हो रही है। ऐसा होने पर गहमर - बारा के अलावा सेवराई तहसील क्षेत्र के कमसार - ओ - बार, गंगा व कर्मनाशा पार के ग्रामीणों को 40 से 50 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ेगा।
वहीं, गहमर - बारा के बीच गंगा नदी पर पक्का पुल बनने से सेवराई तहसील क्षेत्र के अलावा बिहार प्रांत के लाखों लोगों को ताड़ीघाट - बारा मार्ग, नेशनल हाइवे 124 सी के जरिए पूर्वांचल एक्सप्रेस - वे तक पहुंच कर दिल्ली, लखनऊ आने जाने में सहूलियत मिलेगी। वहीं, यहां पुल निर्माण होने से रोजगार की संभावनाएं भी विकसित होंगी।
बैठक में ग्राम प्रधान फिरोजपुर रामाश्रय यादव सरकार ने गहमर - बारा पक्का पुल निर्माण समिति को समर्थन दिया। आश्वासन दिया कि जनहित से जुड़े मुद्दे पर पूरा गांव संघर्ष समिति के साथ हर समय खड़ा है। जान की बाजी लगा देंगे लेकिन गहमर - बारा व फिरोजपुर से पुल का स्थानांतरण नहीं होने देंगे।