मौधा। लगभग 40 वर्ष पहले अपने गांव में मेघबरन स्टेडियम की स्थापना कर अब तक हजारों युवकों की जिंदगी संवारने वाले करमपुर गांव के ठाकुर तेजबहादुर सिंह अब नहीं रहे। बीएचयू में इलाज के दौरान शुक्रवार को उनका निधन हो गया। मेघबरन स्टेडियम में ‘भइया’ नाम से लोकप्रिय तेजू सिंह की मौत की खबर सुनते ही हर कोई स्तब्ध रह गया। खेल प्रेमियों में निराशा दौड़ गई और उनके चाहने वाले बिलख उठे। बीते 20 अप्रैल को फ्रिज में रखा कोई ठंडा पदार्थ खा लेने के बाद उन्हें जुकाम और खांसी की शिकायत हो गई थी। जब वह स्वस्थ नहीं हुए तो 22 अप्रैल को उन्हें बीएचयू में भर्ती कराया गया जहां उनकी रिपोर्ट पाजिटिव निकली। बेहतर इलाज के लिए उन्हें दिल्ली और हैदराबाद ले जाने की कोशिश की गई लेकिन सुधार दिखने के बाद बीएचयू में ही इलाज जारी रखने का निश्चय किया गया लेकिन शुक्रवार को उनका निधन हो गया। देर शाम उनका शव मेघबरन स्टेडियम में लाया गया।समाजवादी पार्टी कार्यालय समता भवन पर शोकसभा में पूर्व सांसद राधे मोहन सिंह के बड़े भाई तेज बहादुर सिंह के निधन पर शोक जताया गया। जिलाध्यक्ष रामधारी यादव ने उन्हें पूर्वांचल की शान बताते हुए कहा कि उन्होंने हाकी के क्षेत्र में एक ऐसा मैदान तैयार किया जिसमें जिले के तमाम नौजवानों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फलक पर अपना परचम लहराने का मौका मिला। उनका योगदान जिला कभी नहीं भूल सकता।इस दौरान अरुण कुमार श्रीवास्तव, रामाशीष यादव, निजामुद्दीन खां, अशोक बिंद, कन्हैयालाल विश्वकर्मा, रामनगीना यादव, द्वारिका यादव, दिनेश यादव, अनिल यादव आदि मौजूद थे।