परिषदीय विद्यालय में पढ़ने वाले करीब चालीस हजार बच्चों को डीबीटी की धनराशि नहीं मिल पाई है। वजह आधार कार्ड न होने से उनका सत्यापन नहीं हो पा रहा है। धनराशि के अभाव में ड्रेस, बैग, जूता-मोजा, स्वेटर अभी तक नहीं खरीदा जा सका है। ऐसे में स्वेटर न होने से ठंड के इस मौसम में बच्चों को परेशानी हो रही है।
जिले में 2269 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें तीन लाख 23 हजार बच्चे प्रेरणा पोर्टल पर पंजीकृत हैं। इन बच्चों को दो-दो सेट ड्रेस, स्वेटर, जूता-मोजा, बैग तथा स्टेशनरी की खरीद के लिए उनके अभिभावकों के खाते में बारह सौ की धनराशि भेजी जा रही है। 40139 बच्चों के पास आधार न होने की वजह से उनका सत्यापन नहीं हो पाया है। इसके चलते उनके अभिभावकों के खाते में निर्धारित धनराशि नहीं भेजी जा सकी है।
यही नहीं 5263 बच्चों के अभिभावकों का आधार बैंक खाता से सीड न होने के कारण उनका भुगतान अभी नहीं हो सका है। आधार सीड होते ही उनके खाते में पैसा भेज दिया जाएगा। कई बच्चे ऐसे हैं जो बिना यूनिफार्म के ही स्कूल आ रहे हैं। नवंबर महीने का दूसरा पखवाड़ा शुरू हो गया है। स्वेटर के अभाव में ठंड बच्चों को सताने लगी है।
इस संबंध में जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता अमित कुमार राय ने बताया कि सभी बीआरसी पर विभाग की ओर से बच्चों का आधार कार्ड बनवाया जा रहा है। इसके साथ ही श्रीट्रान इंडिया के माध्यम से सभी न्याय पंचायत केंद्रों पर अस्थाई आधार नामांकन केंद्र की स्थापना कराई जाएगी। इसके लिए प्रत्येक एनपीआरसी पर समन्वय स्थापित करने के लिए एक नोडल अधिकारी नामित किया गया है।