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मां सरस्वती की प्रतिमा को अंतिम रूप दे रहे मूर्तिकार

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नगर के बंशी बाजार में मां सरस्वती की प्रतिमा पर रंग-रोगन करता मूर्तिकार। - फोटो : GHAZIPUR
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गाजीपुर। बसंत पंचमी का त्योहार आने में भले ही दस दिन बाद है, लेकिन मूर्तिकार मां सरस्वती की प्रतिमा को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। यही नहीं दो माह पूर्व ही बुकिंग भी हो चुकी है। सकलेनाबाद एवं बंशीबाजार में मूर्तिकार दिन-रात प्रतिमाएं बना रहे हैं। इस बार प्रतिमाओं को मिट्टी से बना कर उन्हें प्राकृतिक रंगों से सजाया जा रहा है। कोरोना संक्रमण काल के दौरान मूर्ति बनाने वालों एवं इस कारोबार से जुड़े लोग आर्थिंक तंगी का शिकार हो गए थे। अनलाक फाइव के बाद थोड़ी राहत मिली तो मूर्तिकारों में एक बार फिर बेहतर कारोबार की उम्मीद जगी। नगर के बंशीबाजार में सड़क किनारे 50 मां सरस्वती की प्रतिमा तैयार हो चुकी है। सिर्फ रंग-रोगन ही शेष है। ऐसे में तैयार मूर्तियों की पेटिंग का भी कार्य शुरू हो चुका है। प्रतिमा का मूल्य दो हजार से सात हजार के बीच निर्धारित है। मूर्तिकार शुभम प्रजापित ने बताया कि मां सरस्वती का 50 प्रतिमा तैयार करने में करीब 60 से 70 हजार रुपये का खर्च आया है। कोरोना के बाद अब कुछ उम्मीद है कि बेहतर कारोबार होगा। संतोष प्रजापित ने बताया कि अब मूर्ति की पेंटिंग होनी है। समय से पूर्व ही मां सरस्वती की प्रतिमा को तैयार कर लिया जाएगा। दो माह पूर्व ही मूर्तियों की बुकिंग हो चुकी थी। अरुण प्रजापित ने कहा कि कोलकाता से वस्त्र एवं पेंट नहीं आने से सारा कार्य मिट्टी से हो रहा है। प्राकृतिक रंगों का प्रयोग भी किया जा रहा है। अनिल कुमार ने बताया कि इस बार बुकिंग पहले से होने के चलते एक बार फिर कारोबार अच्छा होने की उम्मीद जगी है।
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