गाजीपुर। जल जीवन मिशन के तहत जिले के 16 ब्लाक के प्रत्येक गांव में लोगों को उनके घर तक शुद्ध पानी पहुंचाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन निर्माण कार्य अब तक परवान नहीं चढ़ सके है। जबकि कार्य को पूर्ण करने के लिए नए वर्ष में मार्च माह तक की समय-सीमा निर्धारित की गई है। इधर विभागीय लापरवाही के चलते कई गांव में कार्य अधूरे होने से समय से पूर्ण होने में संशय बना हुआ है।
शासन ने ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए करीब एक वर्ष पूर्व जल जीवन योजना की शुरूआत की थी। इसके तहत पहले चरण में जिले के 16 ब्लाक में 288 गांव चयनित हुए थे। पर विभाग की लापरवाही के चलते जमीनी हकीकत कुछ अलग ही है। गांव की सड़कों और गलियों को पाइप लाइन बिछाने के लिए खोदकर छोड़ दिया गया है।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि एक गांव में करीब दो से ढाई करोड़ का खर्च आ रहा है। इस योजना से मार्च 2023 तक जिले के प्रत्येक गांव में लोगों के घरों तक पानी पहुंचा कर लाभान्वित करना है। वहीं चयनित 288 गांव का मृदा परीक्षण पूर्ण होने और बोरिंग के बाद पाइप लाइन बिछाने का कार्य करने का दावा किया जा रहा है, जबकि स्थिति तो यह है कि अधिकांश गांवों में अब तक कार्य ही नहीं शुरू हो सका है।
जलजीवन मिशन के तहत 288 गांवों में पानी पहुंचाने को लेकर कार्य चल रहा है। इस योजना के तहत जिले के चयनित प्रत्येक गांव के लोगों को लाभांवित कर दिया जाएगा।
- कासिम हाशमी, अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण तृृतीय।