कोतवाली क्षेत्र के नारायणपुर ककरही चट्टी के पास बुधवार की सुबह बाइक सवार बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर ग्राम प्रधान एवं उसके भतीजे की हत्या कर दी। इस घटना में प्रधान का चचेरा भाई बाल-बाल बच गया। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर सादात-सैदपुर मार्ग जाम कर दिया। इसके अलावा आक्रोशित ग्रामीणों ने हीरानंदपुर स्थित आरोपियों के घर में आग लगा दी। जानकारी होने पर जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक सहित कई थानों की फोर्स के साथ जनप्रतिनिधि भी पहुंच गए।
हीरानंदपुर गांव के प्रधान नंदलाल यादव (40), भतीजा शक्ति (15) और चचेरा भाई भैयालाल (21) सुबह बाइक से सैदपुर जा रहे थे। ककरही गांव के चट्टी के पास पीछे से एक बाइक पर सवार दो बदमाश ओवरटेक कर आगे निकले। बाइक पर पीछे बैठे युवक ने पिस्टल निकालकर जैसे ही प्रधान पर गोली चलानी चाही तो नंदलाल ने बाइक को सड़क किनारे कर लिया। प्रधान की बाइक असंतुलित होकर पलट गई। इसके बाद युवकों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
गोली की आवाज सुनकर चट्टी पर बैठे ग्रामीणों ने ईंट-पत्थर लेकर हमलावरों को दौड़ा लिया। हमलावर वहां से जान बचाकर भाग निकले। ग्रामीण जब मौके पर पहुंचे तो देखा कि नंदलाल मृत पड़े थे, जबकि गोली लगने से घायल भतीजा शक्ति छटपटा रहा था। ग्रामीण उसे एवं भैयालाल को सैदपुर स्थित वर्ल्ड ग्रीन अस्पताल ले गए, जहां शक्ति की हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने वाराणसी रेफर कर दिया, लेकिन बीच रास्ते में शक्ति की मौत हो गई।
इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रधान के शव को हीरानंदपुर गांव के तिराहे पर रखकर सादात-सैदपुर मार्ग पर हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर चक्काजाम कर दिया। इसी दौरान कुछ ग्रामीणों ने आरोपियों के घर में आग लगा दी। इसके चलते करीब दर्जन भर मकान धू-धूकर जलने लगे। दमकल विभाग की गाड़ी को भी ग्रामीणों ने नहीं जाने दिया। घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी संजय खत्री, पुलिस अधीक्षक रामकिशोर एवं बड़ी संख्या में पुलिस और पीएसी के जवान मौके पर पहुंच गए। एमएलसी विजय यादव, विधायक सुभाष पासी, सपा नेता देवराज सिंह ठाकुर ने पहुंचकर ग्रामीणों को समझा-बुझाकर करीब पांच घंटे बाद चक्काजाम समाप्त कराया। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया।
हीरानंदपुर के प्रधान नंदलाल यादव के परिजन इस घटना के लिए प्रशासन को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहरा रहे थे। प्रधान के परिजनों का कहना था कि वर्ष 2014 में सुधीर ने एक बड़ी साजिश के तहत दीपावली के दिन पटाखों की आड़ में अपने ऊपर फायरिंग की झूठी कहानी रची थी। इसमें प्रधान नंदलाल सहित चार लोगों को आरोपी बनाया गया था। इस घटना के बाद पुलिस ने प्रधान की लाइसेंसी बंदूक को जब्त कर लिया था। अगर बंदूक प्रधान के पास होती तो इस तरह की घटना नहीं होती।
हीरानंदपुर के ग्राम प्रधान नंदलाल यादव की हत्या की सूचना मिलते ही गांव में कोहराम मच गया। इस घटना में घायल शक्ति को देखने के लिए परिवार के लोग सैदपुर स्थित अस्पताल पहुंच गए। शक्ति के वाराणसी रेफर होने के बाद रास्ते में उसकी मौत की खबर सुनते ही घर की महिलाएं दहाड़े मारकर रोने लगीं। इससे पहले वर्ष 2009 में नंदलाल के भाई विष्णु यादव की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। विष्णु के तीन पुत्र प्रवीण (20), शक्ति (15) एवं शुभम (11) और दो बेटियां पूजा एवं करिश्मा हैं। विष्णु की हत्या के बाद जिम्मेमदारी संभाले नंदलाल ने उनकी बेटी पूजा की शादी की। नंदलाल के चार पुत्रियां हैं।