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मिलावटखोरों पर दस लाख जुर्माना

Sun, 20 Mar 2016 12:50 AM IST
अमर उजाला ब्रयूराो, गाजीपुर/
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जांच कर रहे अधिकारियों के मुताबिक नकली नोटों के तार शिमला से जुडे़ हैं। - फोटो : अमर उजाला
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जिले में मिलावटखोरों पर देर से ही सही लेकिन बड़ा जुर्माना लगा है। पूर्व किए गए छापेमारी में विभाग के अधिकारियों ने अलग-अलग सात कारोबारियों पर खाद्य वस्तुओं में मिलावट का मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में सातों कारोबारी दोषी पाए गए। सभी पर दस लाख रुपये जुर्माना ठोंका गया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की तरफ से अभियान चलाया गया था।
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खाद्य कारोबारी उमाशंकर गिरी निवासी मलिकपुरा के यहां जांच में सूखा सिंघाड़ा खराब मिला था। सुखदेवपुर के रमेशचंद्र कुशवाहा की दूकान से बेसन का नमूना लिया गया था। जांच में सैंपल फेल निकला। मोहब्बतपुर निवासी खाद्य मोतीराम और प्रकाश गुप्ता के यहां से चने की दाल का नमूना लिया गया था। दाल में भारी मात्रा में मिलावट दर्ज की गई। इसके अलावा नगर के पानी सप्लायर कामाख्या के यहां से पानी की बोतलें भी टीम ने कब्जे में लिया था।


जांच में पानी की गुणवत्ता काफी खराब पाई गई। इस पर बोतल बंद पानी का कारोबार करने वाली जौनपुर की कंपनी हर्षित फूड एंड वेवरेजेज, पानी सप्लायर नगर निवासी कामाख्या और बस स्टैंड के नजदीक पानी बेचने वाले अरुण कुमार जायसवाल पर  कार्रवाई की गई है।अभिहित अधिकारी चन्द्रकिशोर ने बताया कि इन सभी नमूने जांच में फेल मिले थे। परीक्षण के बाद खामियां पाए जाने पर इन सभी के खिलाफ न्याय निर्णायक अधिकारी (एडीएम- वित्त एवं राजस्व) के न्यायालय में मुकदमा दायर किया गया।
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दोषी पाए जाने पर अदालत ने संबंधित खाद्य कारोबार कर्ताओं पर दस लाख रुपये का जुर्माना लगाया। चंद्रकिशोर ने बताया कि उमाशंकर गिरी, रमेशचन्द्र कुशवाहा और मोतीराम पर दो-दो लाख जुर्माना लगाया गया है। प्रकाश गुप्ता पर एक लाख, अरुण कुमार जायसवाल पर 50 हजार, कामाख्या डिस्ट्रीब्यूटर पर एक लाख तथा हर्षित फूड एंड वेवरेजेज पर एक लाख पचास हजार का जुर्माना लगाया गया है।
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