पुलिस कस्टडी से फरार अमरनाथ यादव और राजेश पांडेय को रविवार को एसपी आवास के पास से कोतवाली पुलिस ने दबोच लिया। दोनों की गिरफ्तारी का खुलासा पुलिस लाइन में आयोजित पत्रकार वार्ता में एसपी ने किया। बताया कि पूछताछ के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया।
एसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि 27 अप्रैल को पुलिस कस्टडी में करंडा ब्लाक प्रमुख के पति एवं हेरोइन तस्कर अमरनाथ यादव और वाराणसी के चोलापुर निवासी राजेश पांडेय को मुहम्मदाबाद से सैदपुर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान दोनों फिल्मी अंदाज में फरार हो गए। एसपी ने बताया कि पुलिस की गाड़ी के पीछे अमरनाथ का साला रामध्यान और रामज्ञान ने अपनी गाड़ी लगा दी थी। ये दोनों अमरनाथ के पुत्रों आशीष और आकाश को पूरा लोकेशन दे रहे थे। बाद में आशीष और आकाश ने राजेंद्र यादव और बबलू के साथ अपनी सफारी ग़ाड़ी, जिस पर ब्लाक प्रमुख लिखा हुआ था पुलिस की गाड़ी के पीछे लगा दिया। जैसे ही पुलिस की जीप शहर के भुटहियाटाड़ के पास पहुंची, सफारी ने ओवरटेक कर गाड़ी को पुलिस जीप के सामने लगा दिया।
गाड़ी रुकते ही पुलिस कर्मी नीचे उतरे। जब तक वह कुछ समझ पाते, सफारी और अन्य तीन लग्जरी गाड़ियों से उतरे आधा दर्जन से अधिक लोगों ने असलहों से पुलिस कर्मियों को आतंकित कर हथकड़ी लगे अमरनाथ और राजेश को छुड़ाकर फरार हो गए थे। बताया कि अमरनाथ और राजेश फरार होने के बाद धरम्मरपुर पीपा पुलिया के पास उतरे और हथकड़ी खोलकर गंगा में फेंक दिया था। इसके बाद वहां से करंडा चले गए थे। करंडा से गंगा पार कर दानापुर पहुंचे। वहां से मुगलसराय, इलाहाबाद फिर लखनऊ चले गए।
जब इन्हें ऐसा लगा कि पुलिस के फंदे से बच पाना संभव नहीं है तो ये दोनों मेरे आवास पर समर्पण करने के लिए आ रहे थे कि गेट पर ही कोतवाली प्रभारी श्रीप्रकाश दुबे, क्राइम ब्रांच के रितेंद्र, एसआई अतुल राय ने दबोच लिया और दोनों को कोतवाली ले आए।